लॉकडाउन में सिपाही को उठक-बैठक कराने वाले अफसर का प्रमोशन, जांच में हुआ खुलासा "सिपाही अपने मन से उठक-बैठक करने लगा !"

बिहार में जिस अफसर ने लॉकडाउन के दौरान पास मांगने और गाड़ी रुकवाने के लिये होमगार्ड के सिपाही की उठक-बैठक करवाई थी उसका प्रमोशन हो गया है। उस दागी अफसर को कार्रवाई के नाम पर पटना मुख्यालय में पोस्ट किया गया और पटना आते ही अफसर को कृषि विभाग में उप निदेशक बना दिया गया। यही नहीं इस अफसर के खिलाफ जांच टीम ने भी अपनी जांच करके अफसर को क्लीन चिट दे दी ये कहते हुये कि सिपाही ने बिना बोले ही उठक बैठक शुरू कर दी। खुद ही अपने मन से।
बताते चलें कि पिछले दिनों बिहार के अररिया जिले में जब होमगार्ड ने एक बीडीओ को रोका और उनसे पास मांगा तो हंगामा खड़ा हो गया। अफसर को बात इतनी चुभ गई कि उसने सिपाही को वहीं उठक बैठक कराई और गाली भी दिया। इस घटना का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया जिससे मामला हाईलाइटेड हो गया। वीडियो वायरल हुआ तो अफसर पर कार्रवाई की बात भी होने लगी। कृषि विभाग के इस अफसर मनोज कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई। 
घटना के बाद कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और उन्हें हेडक्वार्टर बुला लिया गया है ताकि वह जांच में हस्तक्षेप ना कर सकें। इस घटना के बाद डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा था कि अडिशनल सब इंस्पेक्टर गोविंद सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। माफी मांग रहे सिपाही का नाम गोनू तात्मा है जो अररिया जिले के बैरगाछी में तैनात है। 
बहरहाल कृषि अफसर को मुख्यालय में बुलाकर उप निदेशक का कार्यभार दे दिया गया है तो दूसरी तरफ इस मामले पर अररिया एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले की जांच की गई है तो पता चला कि सिपाही ने खुद उठक बैठक करना शुरू कर दिया थी। उन्होंने कहा कि सिपाही इतना सीधा है कि खुद बख़ुद उठक बैठक करने लगा और माफी मांगनी शुरू कर दी। एसडीपीओ ने कार्रवाई को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।