इस व्यक्ति की वजह से बांद्रा स्टेशन पर लगी थी हज़ारों लोगों की भीड़, "घर की ओर चलो" नाम से चलाया था कैंपेन!

कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ता देख पीएम मोदी ने लॉकडाउन को 19 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया। अब 3 मई तक पूरे देश में लॉकडाउन रहेगा। इस खबर के आने के कुछ घंटे बाद ही मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर हजारों की संख्या में दिहाड़ी मजदूर इकट्ठा हो गए। उनकी मांग थी की वो अपने घर जाना चाहते हैं औऱ अब यहां नहीं रह सकते। इतनी ज्यादा भीड़ देखकर पुलिस को वहां हालात पर नियंत्रण पाने के लिए लाठीचार्ज भी करना पड़ा। हजारों की संख्या में इस भीड़ को इकट्ठा करने के पीछे एक शख्स की साजिश बताई जा रही है।
इस शख्स का नाम विनय दुबे है जिसे पुलिस ने लोगों को भड़काने के आरोप में हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि विनय दुबे ने ही प्रवासी मजदूरों को गुमराह करके बांद्रा रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा किया था। पुलिस ने बताया कि विनय ‘चलो घर की ओर’ कैंपेन चला रहा था। यहां तक की फेसबुक पर भी उसने इस पर पोस्ट लिखा था जिसे उसने कुछ समय बाद ही हटा लिया था। बता दें कि विनय दुबे के खिलाफ धारा-188 और महामारी अधिनियम के तहते केस कर्ज किया गया है। सिर्फ विनय ही नहीं बल्कि पुलिस ने इस मामले में लगभग 1000 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

बता दें कि पीएम मोदी ने 24 मार्च को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कोरोना महामारी के चलते 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। ये अवधि 14 अप्रैल को खत्म हो रही थी। इसी दिन पीएम ने एक बार फिर राष्ट्र के नाम संदेश दिया और लॉकडाउन को 19 दिनों के लिए बढ़ा दिए। अब पूरे देश में 3 मई तक लॉकडाउन रहेगा। इसी घोषणा के बाद मुंबई के बांद्रा में हजारों की तादाद में मजदूर इक्ट्ठा हो गए और घर जाने की मांग करने लगे।
कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरुरी है,ऐसे में 1000 लोगों का एक साथ एक ही जगह पर एकत्रित हो जाना चिंता का विषय है। बता दें की दूसरे लॉकडाउन से पहले इस तरह की बातें भी सुनने को मिल रही थी कि 15 अप्रैल को विशेष ट्रेन और बस चलाई जाएंगी जिससे फंसे हुए लोगों को घर भेजा जाएगा। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने उस अफवाह की जांच के भी आदेश दिए जिसमें कहा गया था कि प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों में वापस ले जाने के लिए ट्रेनें चलाई जाएंगी।

गृह मंत्री देशमुख ने ट्वीट करते हुए कहा कि मैंने उन अफवाहों की जांच के आदेश दे दिए हैं जिनमें ये दावा किय़ा गया है प्रवासियों को उनके घर ले जाने के लिए ट्रेन चलाई जाएंगी। जो लोग इस तरह की अफवाह फैलाने के दोषी होंगे कानून उन्हें सख्त सजा देगा। बता दें की पहली लॉकडाउन की घोषणा के कुछ दिनों बाद दिल्ली के आनंद विहार में कुछ ऐसा ही सीन देखने को मिला था। आनंद विहार के बस अड्डे पर हजारों लोग अपने घर जाने के लिए एकट्ठा हो गए थे। कई मजदूर पैदल ही घर की ओर निकल भी गए थे।
बता दें की सरकार अभी महामारी को लेकर और सख्ती बरत रही है।पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 20 अप्रैल के बाद वो मजदूर और गरीब लोगों की जरुरतों को पूरी करने की प्राथमिकता देंगे। हालांकि उन्होंने दूसरे लॉकडाउन को और सख्ती से पालन करने को कहा है औऱ साथ ही हिदायत भी दी है कि अगर नियम का उल्लंघन हुआ तो दी गई छूट फौरन वापस ले ली जाएंगी।