"देश को खतरे में नहीं डाल सकता, बेटे को वहीं जला दो" एक पिता के शब्द....

कोरोना वायरस ऐसी मौत लेकर आ रहा है कि लोग अपनों को कंधा तक नहीं दे पा रहे। हरियाणा के एक युवक की न्यूयॉर्क में मौत हो गई। संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए पिता ने बेटे का अंतिम संस्कार वहीं करने को बोल दिया है। ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं।
जिन लोगों की विदेश में मौत हुई, उनकी छोड़िए..देश में भी लोग अपनों के निधन के बाद दूरियां बना रहे हैं। यह उनकी मजबूरी है, क्योंकि पास जाने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। प्रिंस नामक इस युवक की मौत की खबर उसके परिजनों को बुधवार रात जिला प्रशासन के जरिये पता चली। कुरुक्षेत्र के गांव बगथला निवासी प्रिंस अपने दोस्त रिंकू के साथ 7 साल पहले न्यूयॉर्क गया था। 
ये दोनों वहां टैक्सी चलाते थे। दोनों काफी अच्छे दोस्त थे और साथ रहते थे। प्रिंस चार भाई-बहन हैं। प्रिंस की अभी शादी नहीं हुई थी। प्रिंस और रिंकू दोनों कोरोना से संक्रमित मिले थे। दोनों का हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां प्रिंस की मौत हो गई, जबकि रिंकू अभी जिंदगी-मौत के बीच झूल रहा है। प्रिंस के पिता महेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने भारतीय दूतावास से आग्रह किया है कि उनके बेटे का अंतिम संस्कार न्यूयॉर्क में ही कर दिया जाए। वे नहीं चाहते कि उसका शव यहां लाकर दूसरों में संक्रमण का खतरा बढ़ाया जाए।

48 साल का यह युवक विपिन 8 साल पहले इटली गया था। उसकी इतनी में मौत हो गई। हरियाणा के यमुनानगर जिले के साढोरा का रहने वाले विपिन के भाई ने भी उसका अंतिम संस्कार वहीं करने का आग्रह किया था। वे भी नहीं चाहते थे कि यहां शव लाकर संक्रमण का खतरा बढ़ाया जाए।