कोरोना से लड़ने के लिए इस गांव ने किया ऐसी खास तैयारी, कढ़ाई में गर्म होता है पानी और फिर...

कोरोना वायरस ने पूरे देश में हड़कंप मचा रखा है. महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज हैं. ऐसे में कोरोना को रोकने के लिए महाराष्ट्र के जालना जिले के जाफराबाद तहसील के वरुड खुर्द गांव के लोगों ने एक अच्छी पहल की है. इस गांव के प्रवेशद्वार पर बाहर से आनेवालों से पूछताछ की जाती है, फिर उन्हें एंट्री दी जाती है.  चाहें व्यक्ति गांव का हो या बाहरी हो, उसे गर्म पानी और साबुन से हाथ, पैर धोने के बाद ही गांव मे प्रवेश मिलता है.
महाराष्ट्र के जालना जिले के वरुड खुर्द गांव में प्रवेशद्वार पर बड़ा सा चूल्हा बनाया गया है. जिसमें एक बड़ी कढ़ाई में दिन रात पानी उबलता रहता है. बाहर से आनेवालों की पूछताछ के बाद एंट्री होती है. अगर आप कार या बाइक से आते हैं, फिर भी प्रवेश द्वार पर रुकना पड़ता है. पूछताछ के बाद कढ़ाई में गरम किए पानी से हाथ पैर धोने को कहा जाता है. फिर सैनिटाइज करके गांव में प्रवेश दिया जाता है.  

कोरोना संक्रमित बीमारी है. इस वजह से गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने मिलकर यह फैसला किया है कि किसी को भी गर्म पानी से हाथ पैर धोए बिना गांव मे प्रवेश नहीं देना चाहिए. साथ में सैनिटाइजर लगाना अनिवार्य किया गया है. पिछले 14 दिनों से यह पहल चलाई जा रही है. गांव के दो लोग दिन रात खड़े रहकर इस मिशन में जुटे हैं. गांव की खास बात ये है कि शहर के कई लोग यहां आते हैं लेकिन गांव का हर शख्स कोरोना के संदर्भ में सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करता है.

गांव के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी के चेहरों पर एक कपडा बंधा रहता है. गांव के प्रसिद्ध मंदिर को बंद कर दिया गया है. लेकिन प्रसाद को मंदिर के आधार पर रखा जाता है. यहां किराने की दुकान में कोई भीड़ नहीं है. ग्रॉसरी को ग्राहक द्वारा हिट साइट पर खड़े होने के दौरान खरीदना पड़ता है. महिलाएं टैंक में पानी भरते समय मुंह पर रुमाल रखकर आती हैं. जालना जिले में अब तक एक मरीज को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग काफी सतर्क है. वरुड गांव के लोगों ने कोरोना के खिलाफ जो मुहिम चलाई है, उसकी काफी तारीफ हो रही है. 

गांव के सरपंच दगडुबा गोरे ने कहा कि अभी दुनियाभर में कोरोना का माहौल है. उसका मुकाबला करने के लिए हम एक दूसरे की मदद कर रहे हैं. इस काम में गांव के युवक भी लगे हुए हैं. गांव में प्रवेश करने से पहले हर किसी को गर्म पानी और साबुन से हाथ-पैर धोने पड़ते हैं, बाद मे सैनिटाइजर लगाने के बाद ही गांव मे प्रवेश दिया जाता है.