तबलीगी जमात एक सोची समझी साजिश की गई थी! मुसलमानों को इस चाइनीज ऐप ने भड़काया

कोरोना वायरस (Corona Virus) के कहर ने पूरे विश्व में आतंक मचा रखा है। इसी बीच भारत में भी इसका प्रकोप बढ़ता जा रहा है। भारत में कोरोना के संकट को देखते हुए लॉकडाउन कर दी गई है। लॉकडाउन में ट्रेन, फ्लाइट्स, बस, गाड़ी, मेट्रो समेत तमाम ट्रांसपोर्ट को बंद कर दिया गया है। केवल जरुरी चीजों के लिए ही लॉकडाउन में छूट दी गई है। इसके बावजूद भी दिल्ली के निजामुद्दीन में जिस प्रकार से तबलीगी जमात में हजारों मुसलमानों की भीड़ जुटी उससे सवाल खड़ा हो गया है।
तबलीगी जमात में जुटे लोगों में सैकड़ों की संख्या में कोरोना से पीड़ित लोग थे, जिन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा दी। निजामुद्दीन की घटना सामने आने के बाद भी मुसलमान इस वायरस को हलके में ले रहे हैं। इस गंभीर महामारी के बावजूद भी देश के अलग-अलग हिस्सों से शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आ रही है। जमात में शामिल मुसलमानों के इस हरकत के बाद सवाल उठना लाजिमी है कि वायरस का भय इनको क्यों नहीं है, क्या ये जानबूझकर इस प्रकार की हरकतें कर रहे हैं।

इन सभी सवालों का जवाब सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस के खिलाफ आ रहे हेट्स वीडियोज हैं। एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि वीडियो शेयरिंग का छोटा फॉर्मेट टिक टॉक पर जानबूझकर इस प्रकार की हेट्स वीडियो डाले जा रहे हैं। इन सभी वीडियो को लोग फेसबुक  (Facebook), ट्विटर, इंस्टाग्राम समेत अन्य जगहों पर दबा कर शेयर कर रहे हैं। गृहमंत्रालय को मिली रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रकार के करीब 30 हजार वीडियो की पहचान की गई है, जिसमें मुसलमानों को यह बताने की कोशिश की गई है कि मुसलमान (Musalman) को कोरोना से कोई डर नहीं है।

इस घटना के बाद जब टिकटॉक से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि हम इस प्रकार की सभी वीडियो को हटा रहे हैं, जिसमें इस प्रकार की हेट्स चीजें चलाई जा रही है। ट्विटर ने भी कोरोना वायरस से जुड़ी फेक खबरों को हटाना ही उसकी प्राथमिकता है। ट्विटर ने बताया कि हम ऐसे अकाउंट को चिन्हित कर रहे हैं, जो इस प्रकार की हेट्स खबरें फैला रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा, "हम खाते की पहचान और खातों को डिलिट करने में मदद के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करेगी, जिसके सावधानी व सर्तकता बरती जाए।