लॉकडाउन : "हाय रे नशा, क्या क्या नहीं सहना पड़ रहा है" जानिए इनके साथ ऐसा क्यों हुआ...

कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए भारत 21 दिनों के लॉकडाउन पर है। सब तरफ बंदी और सबसे बड़ी बंदी तंबाकू उत्पादों पर है। इसके अलावा शराब की बिक्री पर भी सरकार ने पाबंदी लगा रखा है। ये पाबंदियां नशे के आदी लोगों के लिए किसी बड़ी सजा से कम नहीं हैं। लेकिन भारत में जुगाड़ से बड़ा भी कुछ नहीं होता। इस जुगाड़ तंत्र के यंत्र से लोगों को नशे की खुराक मिल रही है। लेकिन कभी-कभी इस जुगाड़ के चक्कर में कुटाई भी हो जा रही है। ऐसा ही कुछ हुआ मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में।
हाय रे नशा क्या-क्या नहीं सहना पड़ता, ये लॉकडाउन ने बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है, कहीं से मिल जाए तो काम चल जाए। शराब के ठेके, पान की दुकाने सब बंद न जाने कब हटेगा लॉकडाउन, कितने दिनों तक चलेगा ये लॉकडाउन। ऐसी स्थिति में लोग नशे की तलब दूर करने के लिए सड़कों पर भटकते दिख जाते हैं। लेकिन पुलिस भी तैयार है ऐसे लोगों की तलाश में। कहीं मिल जाएं तो खबर ले ली जाए, भाई बंदी में कहां, समझ नहीं आता लॉकडाउन है, कोरोना में कुछ भी करो-ना, बाहर मत निकलो अब भुगतो...
मध्य प्रदेश के बैतूल में तंबाकू के नशे की लत के शिकार कुछ लोग लॉकडाउन को तोड़कर निकल पड़े थे खोज में। कुछ दूरी तय करने के बाद रास्ते में गश्त कर रहे पुलिसवालों की निगाह उन लोगों पर पड़ गई। पुलिस को देखते ही वह जैसे ही निकलने की सोच रहे थे दरोगा जी पहुंच गए, फिर क्या दरोगा जी पिल पड़े, पहले जमकर कुटाई की इतने से पेट नहीं भरा तो कान पकड़वाकर उठक बैठक लगवाई। पूछताछ में पता चला ये लोग तंबाकू की तलाश में निकले थे।
बता दें कि मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या बढ़ती चली जा रही है और राज्य सरकार ने इसे देखते हुए सख्त रवैया अपना लिया है। वहीं स्वास्थ्य सलाहकारों का भी कहना है कि कोरोना से लड़ने में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। लेकिन तंबाकू और शराब जैसी चीजें इसको नुकसान पहुंचा सकती हैं।