लॉकडाउन में एक साथ उठी दोनों युवकों की अर्थी, एक को दफनाया और दूसरे का किया अग्नि संस्कार

गोटेगांव से 15 किलोमीटर दूर पिपरिया(लाठगांव) के वीरान गांव जामुनपानी में खेत पर दो युवकों की जघन्य हत्या मामले में गुरुवार को सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिस की उपस्थिति में पिपरिया में दोनों की अर्थी एक साथ उठीं। मृतक कुंजी यादव १८ साल के अविवाहित होने के कारण उसे दफनाया गया। वहीं मोहन विश्वकर्मा ३० साल का अग्नि संस्कार किया गया। गांव के लोगों ने नम आंखों से दोनों को अंतिम विदाई दी। 

चड्डी बनियान में भाग गया आरोपी 
मृतक कुंजी यादव की दादी ने गुड्न गौड पर हत्या का आरोप लगाया था। जिसकी तलाश में पुलिस ने बुधवार रात खेत में बनी उसकी झोपड़ी में दबिश दी थी मगर झोपड़ी में नहीं मिला। गुरुवार तड़के पुलिस ने एक बार फिर झोपड़ी में दबिश दी मगर उसकी झोपड़ी में मौजूद कुत्ता दूर से ही पुलिस को देख कर भौंकने लगा । जिस पर गुड्न गौड बिस्तर से उठा और चड्डी बनियान में ही जंगल की ओर भाग गया । जब पुलिस झोपड़ी में पहुंची तो चूल्हा की आग गरम थी, बिस्तर बिछा हुआ था उसने कपड़े वहीं पर उतरे रखे थे। जूता भी उतरे रखे थे।

पुलिस को गुड्डन की बैंक पास बुक और फोटो मिली जिसे लेकर आ गई। जानकारी के अनुसार गुड्डन ने बुधवार को पिपरिया (लाठगांव) मेें रहने वाले अपने भाई के घर जाकर दोपहर तीन बजे खाना खाया था। वह चार बजे तक गांव के आस पास ही घूमता रहा। जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और उस पर शंका जाहिर की गई तो वह अपनी झोपड़ी से जंगल की ओर भाग गया था। देर रात झोपड़ी मेंं आकर सो गया। जानकारी के अनुसार गुड्डन गौड का अपनी पत्नी से विवाद होने के बाद उसकी पत्नी दो माह पहले अपने मायके जबलपुर जिले के चरगुंवा के पास हीरापुर गांव चली गई थी। इसके बाद वह ससुराल नहीं आई तभी से गुड्डन असामान्य रहने लगा था।