"नहीं भागते तो कई लोगों को मार डालते हमलावर" जानिए करेली हत्याकांड के बारे में...

तभी सोना ने कहा कि ये निषाद बचने नहीं पाएं। फारूख ने ललकारा कि सबको मार दो तो नौशाद ने गोली मार दी जो मेरे छोटे भाई लोटन को लगी। उसका सिर फट गया। उसकी मौत हो गई। वे लोग फायर करते हुए हम लोगों को दौड़ा लिए तो हम जान बचाकर भागे। पूरे मोहल्ले में अफरातफरी मच गई। लोग दहशत से घरोंं में घुस गए और गांव के बाहर भागने लगे। उन लोगों ने मिलकर मेरी पत्नी संतोषी और बेटी मनीष व मोहल्ले के देशराज व अन्य लोगों को मारा पीटा। किसी तरह भागकर हमने जान बचाई वरना वे सबको मार देते। उन लोगों ने मिलकर षडयंत्र कर हमला कर मेरे भाई को मार दिया है।

एफआइआर में लिखा है... मैं प्रार्थी बिरजू निषाद
यह आरोप है प्रत्यक्षदर्शी मृतक लोटन निषाद के बड़े भाई बिरजू निषाद का। वारदात के बाद उसने पुलिस को दी गई तहरीर में उक्त बातों का जिक्र किया है। उसकी तहरीर पर दर्ज एफआइआर में लिखा है... मैं प्रार्थी बिरजू निषाद बक्शी मोढ़ा करेली का रहने वाला हूं। आज सुबह लगभग नौ बजे अपने घर के पास किराना की दुकान पर खड़ा था। मोहल्ले और घर के लोग भी थे। आपस में चर्चा कर रहे थे कि विदेश से जमात वाले न आते तो देश में कोरोना न फैलता। इसी बात पर सोना पुत्र कदीर गाली देने लगा। मना करने पर धमकी देते हुए गया कि अभी तुम लोगों को बताता हूं। 

कुछ ही देर में सोना, सादिक, शेबू, जाकिर अली, नूर अख्तर, नौशाद आदि लाठी, डंडे और असलहे के साथ आए और हम लोगों को गाली देते हुए मारने-पीटने लगे। करेली थाना क्षेत्र के बख्शी मोढ़ा में लोटन निषाद की हत्या में उसके बड़े भाई सिक्योरटी गार्ड की नौकरी करने वाले बिरजू निषाद से तहरीर लेकर करेली थाने में मुकदमा लिखा गया। इसमें मोहम्मद सोना, राजू पाल हत्याकांड की गवाह रुखसाना के पति सादिक पुत्र शेबू, भाइयों जाकिर अली, नौशाद, नूर अख्तर, गुलशेर के पुत्रों नौशाद और फारुख के अलावा शादाब, फरहान को नामजद किया गया है। छह-सात लोग अज्ञात हैं जिन्हें पुलिस चिह्नित करने में जुटी है। एफआइआर में 302 समेत आठ धाराएं लगी हैं।