शादी का पोशाक उतारकर कोरोना से लड़ने चल पड़ीं डॉ. अनिसा, जानिए इनके बारे में....

ये हैं डॉ. अनिशा मिढा। बीकानेर की जेएनवी कॉलोनी की रहने वाली हैं। पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। इन दिनों बीकानेर पीबीएम अस्पताल में कोरोना वॉरियर की भूमिका में है। डॉ. अनिशा की कोरोना वॉरियर बनने की स्टोरी जज्बे से भरी है। हर किसी को प्रेरित करने वाली है। आईए जानते हैं डॉ. अनिशा की जिंदगी के बारे में।
बीकानेर में एनस्थीसिया की सैकंड इयर रेजीडेंट डा. अनिशा इसी अस्पताल के सर्जरी रेजीडेंट डा.साहिल मिढ़ा से शादी कर डा. अनिशा मिढ़ा बन गई। शादी की छुट्टी के बाद पति-पत्नी 19 मार्च 2020 को अस्पताल पहुंचे। उस समय तक कोरोना वायरस ने राजस्थान में दस्तक दे दी थी और तेजी से फैलना शुरू हो गया था। 11 अप्रैल तक बीकानेर में कोरोना के 24 केस सामने आ चुके हैं। एक महिला मरीज की मौत हो चुकी है।

22 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर 25 मार्च से देशभर में लॉकडाउन लागू हो गया। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सामान्य सर्जरी बंद कर दी। सारे डाक्टर्स को कोरोना की रोकथाम व उपचार में लगा दिया। डा.अनिसा को कोरोना पॉजिटिव रोगियों के आईसीयू वार्ड में उन मरीजों की सार संभाल करने का जिम्मा मिला।

परंपरागत पंजाबी परिवार में बात उठी कि अनिसा को शादी का चूड़ा सवा साल तक नहीं उतारना चाहिए, मगर अनिसा ने परम्पराओं की बजाय डॉक्टर के फर्ज को प्राथमिकता दी और शादी का चूड़ा उतारकर पीपीई किट पहनकर कोरोना वॉरियर बन गई। एक अप्रैल को चूरू से पॉजिटिव रोगी रिपोर्ट हुए और उन्हें बीकानेर के पीबीएम में भेजा गया तो अनिसा ने शादी का चूड़ा, मंगलसूत्र, शादी का जोड़ा, गहने सब उतारकर पीपीई किट ओढ़ ली। उसके बाद से अनिसा अ​स्पताल में ही है। ड्यूटी के बाद एंबुलेंस उन्हें क्वारंटाइन स्पेस में ले जाती है। वापस वहीं लाकर छोड़ देती है।

पीबीएम अस्पताल के सर्जरी रे​जीडेंट डॉ. साहिल मिढा कहते हैं कि गर्व है कि मेरी पत्नी अनिसा ने बगैर एक पल सोचे अपने फर्ज को पहले पायदान पर रखा। कोरोना पॉजिटिव वार्ड के आस-पस से जहां लोग गुजरने से घबराते हैं उसके अंदर रहते हुए लोगों की सेवा करने की ठानी। घरवाले डरे हुए थे, उसने ही उन्हें समझाया। जो काम मैं करना चाहता था वह मेरी पत्नी कर रही है।