लॉकडाउन में साधन नहीं मिला तो पटरियों पर ही पैदल चल पड़े, जब नींद आई तो ट्रैक पर सो गए और फिर....

लॉकडाउन के कारण अंबिकापुर रेलवे लाइन पर उदलकछार से दर्रीटोला के बीच सुबह कऱीब साढ़े 8 बजे मालगाड़ी की चपेट में आने से ट्रैक पर ही चल रहे दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। लॉकडाउन के चलते मजदूरों को साधन नहीं मिला था। जिसके बाद पटरियों के किनारे-किनारे ही वी पैदल ही चल रहे थे। मंगलवार की सुबह में वे पटरी पर बैठकर आराम कर रहे थे, तभी उन्हें झपकी लग गई। इस दौरान मालगाड़ी की चपेट में आने से उन दोनों की ही मौत हो गई। 
आपको बता दें की मृतकों में कमलेश्वर राजवाड़े और गुलाब राजवाड़े शामिल है। जबकि उनके साथ ही चल रहे दो अन्य मजदूर बाल बाल बच गए। ये चारों मजदूर छत्तीसगढ़ राज्य के पेंड्रा मरवाही गौरेला जिला के गोरखपुर स्थित खाद-बीज बनाने वाली कंपनी में काम किया करते थे, जो लाकडाउन के दौरान वहां फंस गए। सोमवार 20 अप्रैल की शाम खाना खाकर रेलवे ट्रैक पर रात भर चलते हुए अपने घर गेवरा उजगी जिला सूरजपुर पहुंचने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान मंगलवार 21 अप्रैल की सुबह उदलकछार रेलवे स्टेशन के समीप मालगाड़ी की चपेट में आ गए। 

उस मालगाड़ी के चालक व गार्ड ने स्टेशन मास्टर को घटना की सूचना दिया, जिस बिलासपुर डिवीजन के अधिकारियों को जानकारी दिया। रेलवे के अनुसार उदलकछार और दर्रीटोला के बीच हसदेव जंगल के नजदीकयह घटना हुई है। घटना के दौरान दो अन्य साथी पास के नदी से पानी लाने गए थे। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि संभवत रातभर पैदल चलने व पटरी किनारे बैठे होने पर मालगाड़ी के आने के दौरान उन्हें झपकी लग गई थी। मालगाड़ी के हॉर्न को नहीं सुनने से घटना हुई। घटना की सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई है और दोनों मजदूरों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।