कुत्ते नोच रहे थे कूड़े के ढेर को, ऑटो ड्राइवर ने जब वहाँ जाकर देखा तो रह गया हैरान और फिर....

बेंगलुरु के ऑटो चालकों का नाम आते ही आपके सामने एक बुरा चेहरा सामने आता है। लेकिन लॉकडाउन में यहां के एक ऑटो वाले ने नवजात को नया जीवन दिया। ड्राइवर ने कूड़े के ढेर में पड़े एक नवजात को न सिर्फ कुत्तों के झुंड से निकाला बल्कि उसे अस्पताल पहुंचाया और उसका इलाज भी करवाया। कुत्तों के मुंह से नवजात को बचाने के दौरान उनके झुंड ने ड्राइवर पर भी अटैक किया।
नागराजू आर रविवार को सुबह लगभग 4.20 बजे यशवंतपुरा बाजार की तरफ जा रहे थे। रास्ते में बापू कॉलेज के पास त्रिवेणी रोड पर एक कूड़े के ढेर के पास कुत्तों का झुंड खड़ा था। वह कूड़े के ढेर में पड़े एक कपड़े के पैकेट की तरफ देखकर लगातार भौंक रहे थे। नागराजू ने बताया, 'कूड़े के ढेर के पास कुत्ते मंडराते थे। लेकिन कुत्तों का झुंड बनाकर किसी पैकेट की तरफ देखकर लगातार तेज-तेज भौंकना, मुझे कुछ सामान्य नहीं लगा।'
नागराजू ने बताया कि वह कूड़े के ढेर के पास पहुंचे। उन्होंने देखा कि कपड़े में लिपटा एक बच्चा पड़ा था। 'बच्चे की गर्भनाल ताजी थी। मैं देखकर समझ गया कि बच्चा कुछ देर पहले ही जन्मा है।' उन्होंने बताया कि तब तक एक कुत्ता उस पैकेट की तरफ दौड़ा और उसे मुंह में दबोचने लगा। दूसरे कुत्ते भी उसके मुंह से पैकेट छीनने लगे। उन्होंने कुत्ते को भगाया तो अन्य कुत्ते उनके ऊपर भौंकने लगे। कुत्ते बौखलाकर नागराजू की ओर दौड़े। नागराजू ने बताया, 'मेरे लिए उन हिंसक कुत्तों से बच्चे को बचाना एक चुनौती था।' काफी प्रयास के बाद वह बच्चे को वहां से निकालने में सफल रहे।
नागराजू ने बताया कि वह पैदल थे और नवजात को जल्दी किसी अस्पताल तक पहुंचाना जरूरी था। उन्होंने वहां से गुजर रहे एक शख्स से लिफ्ट मांगी। आखिर में एक प्रदीप नाम के राहगीर ने घटना सुनने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया। बच्चा केसी अस्पताल में भर्ती है। यहां डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बताया कि उन्होंने केस दर्ज कर लिया है। त्रिवेणी रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई है। सीसीटीवी में एक महिला स्कूटर से वहां गुजरते हुए नजर आई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चा उसी ने फेंका या किसी और ने। बच्चे के माता-पिता का पता लगाने के लिए जांच जारी है।