लॉकडाउन के समय रसोई गैस की ऐसी डिलीवरी शायद ही आपने कभी देखी हो....

कोरोना वायरस के संक्रमण से खुद को बचाने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन जारी है. भले ही यह कदम हम सब की भलाई के लिए उठाया गया हो, लेकिन यह भी सही है कि लॉकडाउन के चलते हर हर आम व खास परेशान है. आलम यह है कि लोग अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. जो समर्थवान है, वह कोटा से जाकर अपने परिजनों को बिहार ला रहे हैं और जो समर्थवान नही है, उन्हें गैस सिलेंडर घर तक लाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.
ऐसा ही एक मामला छपरा में सामने आए है, जहां एक महिला को गैस एजेंसी से रसोई गैस लाने में कुछ ऐसी दिक्कत हुई, जिसका अंदाजा आप नहीं लगा सकते. महिला रसोई गैस सिलेंडर को रस्सी में बांधकर कई किलोमीटर घसीटते हुए एजेंसी तक ले गई और गैस लेकर घर आई. यह तस्वीर छपरा स्थित महेशिया-परसा रोड की है. जहां पर एक महिला मजबूरी में कड़ी धूप में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की गैस एजेंसी तक गैस भरवाने के लिए रस्सी में सिलेंडर को बांधकर घसीटते देखी गई. यह महिला डेरनी थाना क्षेत्र के शहर छपरा गांव निवासी महिला अनिल महतो की पत्नी रीता देवी थी.

इस संबंध में उन्होंने बताया कि घर के सभी पुरुष सदस्य लॉक डाउन के कारण दूसरे प्रदेश में फंसे हुए हैं. पड़ोसियों को भी कई बार कहने के बाद कोई सिलेंडर लाने को तैयार नहीं था. गाड़ी की भी आवाजाही बन्द है. ऐसे में बच्‍चों को घर में अकेला छोड़कर यह महिला कड़ी धूप में गैस सिलेंडर लेकर निकल पड़ी. बता दें कि सरकार का सख्त निर्देश है कि गैस एजेंसी के पास भीड़ एकत्रित ना हो, इसलिए सिलेंडर की होम डिलीवरी करनी है तथा उज्वाला गैस वालों को फ्री में गैस देनी है. बावजूद इसके, गैस संचालक ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की होम डिलीवरी नहीं कर रहे हैं.

वहीं, इस संबंध में हिंदुस्तान पेट्रोलियम गैस एजेंसी परसा के संचालक विनोद दास से फोन पर बात करने की कोशिश की गई, परंतु उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला. उनके कर्मचारी से भी फोन पर बात करने की कोशिश की गई, परंतु कोई रिस्पांस नहीं आया. परसा बीडीओ रजत किशोर सिंह ने कहा है कि यदि गैस संचालक होम डिलीवरी नहीं करता है, तो उस पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. सभी संचालकों को होम डिलीवरी करना है. लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले को भी बख्शा नहीं जाएगा.