कोरोना से गांव को बचाने के लिए इस महिला ने खुद ही उठाया बीड़ा, लोगों ने जमकर किया तारीफ!

तेलंगाना में ही नहीं पूरे देश में कोरोना वायरस विकराल रूप ले रहा है। दिनोंदिन संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर हर राज्य के मुख्यमंत्री हर दिन कोरोना के रोकथाम के लिए समीक्षा बैठक कर रहे हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे है। इनके अलावा स्वयंसेवी संगठन, पुलिस, सफाई कर्मी, डॉक्टर्स और नर्स रात-दिन मेहनत कर रहे हैं। सबका मकसद एक ही है कि कोरोना वायरस महामारी से जनता को बचाया जाये।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने हाल ही में आह्वान किया है कि हर गांव के सरपंच ही कहानी के अभिनेता बनें और मिसाल पेश करें। इसी क्रम में केसीआर के आह्वान को देखते हुए महबूबनगर जिले के नरसिम्हुलापेट मंडल क्षेत्र के गोपतांडा की महिला सरपंच अजमीरा लक्ष्मी ने कमर कस ली है। सरपंच ने शुक्रवार को सोडियम हाइपोक्लोराइट मिलाया हुआ पंप अपने कंधे पर उठाकर पूरे गांव में छिड़काव किया। इतना ही नहीं यह महिला सरपंच हर दिन गांव में ब्लीचिंग पाउडर भी छिड़क रही है। ताकि गांव में कोरोना वायरस न फैल सके। 

सरपंच के इस कार्य को देखकर सभी लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं और बधाई दे रहे हैं। आपको बता दें कि हाल ही में हुए चुनाव में अजमीरा लक्ष्मी निर्विरोध सरंपच चुनी गई हैं। लक्ष्मी सरकार के हर विकास कार्यक्रम में बढ़चढ़कर भाग लेती है। हरीत हारम के अंतर्गत सरकार द्वारा लगाये गये पेड़ पौधों की सुरक्षा के लिए उसने तार बिछाये। साथ ही ट्रैक्टर पर बैठकर इन पेड़ पौधों को स्वयं पानी डाल रही है। इसी तरह भद्रादी कोत्तागुडेम जिले के भीमुनिगुडेम गांव की महिला सरपंच मडकम पोतम्मा वह स्वत: गांव की रक्षा के लिए हाथ में लाठी लिये खड़ी है। 

पोतम्मा न गांव के किसी भी व्यक्ति को बाहर जाने देती है और न ही बाहर किसी व्यकित को गांव के अंदर प्रवेश करने देती है। पोतम्मा चेतावनी देती है कि यदि कोई सब्जी (साग-भाजी) या दवा लेने आने के लिए जाना चाहता है तो उसे सुबह 6 से रात 9 बजे तक की अनुमति देती है। रात 9 बजने के बाद किसी को भी न अंदर आने देती और न ही किसी को बाहर जाने देती है। महिला सरपंच मडकम पोतम्मा और अजमीरा लक्ष्मी बहुत संयम और संकल्प के साथ बखुबी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। महिला सरपंच देश के अनेक लोगों के लिए एक आदर्श का उदाहरण हैं।
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