लॉकडाउन में सैलरी नहीं मिली तो थाली में घास रखकर खाने लगा गार्ड, जानिए वजह!

लॉकडाउन के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक आदमी थाली में घास रखकर खाते हुए दिखाई दे रहा है. वायरल हो रहा ये वीडियो 5 मिनट का है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक आदमी पहले घास खाता है जिसके बाद घास को किसी तरह चबाता है और पास में ही रखे पानी की बोतल से पानी पीता है. उसके बाद वह वहीं सो जाता है. ये वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल हो रहा है.
आजतक की टीम ने जब इस वीडियो की पड़ताल की तो पता चला कि ये वीडियो वॉट्सऐप ग्रुप्स पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसके बाद आजतक टीम ने सभी ग्रुप्स को खंगालना शुरू किया. आखिर में पता चला कि ये व्यक्ति गुरुग्राम में दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल में सुरक्षाकर्मी के तौर पर काम करता है. पिछले दो महीने से सैलरी ना मिलने के कारण मजबूरी में घास खा रहा था.
इसके बाद आजतक की टीम ने बीएसएनएल कंपनी के गार्ड्स से संपर्क किया. सुरक्षाकर्मी ने बताया कि उसका नाम संजीव है और मूलरूप से पंजाब का रहने वाला है. अपने परिवार का पेट पालने के लिए इसने पंजाब से सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर गुरुग्राम का रुख किया था.'
सुरक्षाकर्मी संजीव ने बताया कि इस कंपनी में सुरक्षाकर्मी का काम करने से पहले वो एक निजी कंपनी में बतौर ड्राइवर का काम करता था, लेकिन वहां से नौकरी छोड़ने के बाद ये बीएसएनएल कंपनी में बतौर सिक्योरिटी गार्ड का काम करने लगा. लेकिन सिक्योरिटी कंपनी ने दो महीने से इसे अब तक एक भी रुपया नहीं दिया है, जिससे परेशान होकर उसने ये कदम उठाया.
बीएसएनएल में काम करने वाले सुरक्षाकर्मी देसराज, परवीन और राम सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि जब ये लोग पैसे के लिए अपने सिक्योरिटी इंचार्ज से बात करते हैं तो वो तनख्वाह दे देंगे कह कर टाल देते हैं. उसके बाद उन सिक्योरिटी ऐजेंसी का कांट्रैक्ट जब खत्म हो जाता है तो फिर दूसरी सेक्युरिटी आ जाने से एजेंसी तो बदल जाती है लेकिन वहां रह जाते हैं बस गार्ड और उनकी बकाया सैलरी. 
पिछली सिक्योरिटी कंपनी सभी गरीब गार्ड का पैसा खाकर चुपचाप निकल जाती है. वहीं, लोगों का कहना है कि एक तरफ देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है तो दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो गरीबों का पैसा मार रहे है. यहां ऐसे कई गरीब गार्ड हैं, जिन्हे कंपनी ने पैसा देना बंद कर दिया है. वहीं एक गरीब गार्ड कहा कहना है कि कोरोना से तो बाद में मरेंगे लेकिन भूखे पहले ही मर जाएंगे.