कोरोना मरीजों की सेवा कर रही नर्सिंग छात्रा की इंदौर में हो गई मौत...

रीवा जिले के सेमरिया थाना अन्तर्गत ग्राम खरहरी में रहने वाली श्रेया तिवारी पिता सुरेश तिवारी परिजनों के साथ भोपाल में रहती थी। वे इंदौर में रहकर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी और कोरोना महामारी फैलने के बाद वे मरीजों की सेवा करने में लगी हुई थी। दो दिन पूर्व उनकी हालत खराब हुई थी और शनिवार को उनकी मौत हो गई। उनके मौत की खबर अस्पताल के चिकित्सकों ने परिजनों को दी। 
दरअसल श्रेया तीन बहन और एक भाई थे और मां के साथ भोपाल में रहते थे। उनके पिता सुरेश तिवारी एसएएफ में पदस्थ है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और वे भी भोपाल में ही रहती है। नर्सिंग की पढ़ाई के लिए वे इंदौर गई थी। कोरोना महामारी फैलने के बाद उनकी ड्यूटी मरीजों की देखभाल में लगाई गई थी। अचानक उनकी तबियत खराब हो गई और शनिवार को उनकी मौत हो गई। उनकी कोरोना संक्रमण से मौत हुई या फिर किसी अन्य कारण से यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। 

अहतियात के तौर पर प्रशासन ने पार्थिव शरीर परिजनों को नहीं सौंपा है। इंदौर के पीथमपुर में रहने वाले उनके चचेरे भाई आशीष तिवारी को बुलवाकर हस्ताक्षर करवाया गया और कांच के अंदर मृत शरीर के अंदर दर्शन करवाए है। बाद में प्रशासन ने शव का अंतिम संस्कार करवाया है। उनकी मौत की खबर ने परिजनों सहित परिवार के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके परिवार के लोग खरहरी गांव में रहते है जिनको भी फोन पर उनके निधन की खबर मिली है।