लॉकडाउन में 'फेरारी' से उतारकर पुलिस ने करा उठक बैठक, "इनके पापा कर चुके हैं एंबुलेंस दान"

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में काफी तेजी से कोरोना वायरस का संक्रमण फैल रहा है। ऐसे में इंदौर पुलिस शहर में लोगों से सख्ती से लॉकडाउन का पालन करवा रही है। इस क्रम में लॉकडाउन के नियमों को तोड़ने पर पुलिस ने एक लड़के से उठक-बैठक लगवाई। एक लड़का लाखों की गाड़ी लेकर सड़क पर सैर करने निकला था, इसी दौरान पुलिस ने युवक को पकड़कर लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर उठक-बैठक लगवाई।
पुलिस ने जिस लड़के को पकड़ा, वो आशा कन्फेक्शनरी (चॉकलेट) कंपनी के मालिक दीपक दरियानी का बेटा है और उसका नाम संस्कार है। बता दें कि बीते दिनों दीपक दरियानी ने कोरोना की लड़ाई में प्रशासन को एंबुलेंस दान किया था। युवक 85 लाख कीमत की कार लेकर सुखलिया स्थित एमआर 10 पर सैर करने निकला था, इस दौरान उसने ना तो चेहर पर मास्क लगाया था और ना ही उसकी कार में सैनिटाइजर था। इसके इलावा युवक के पास लॉकडाउन पास भी नहीं था। फिर भी वो कार लेकर रास्ते पर निकल पड़ा।
पुलिस ने फिर जब युवक को रोककर मास्क और लॉकडाउन के बारे में पूछा तो वह उल्टा ही पुलिस से बहस करने लगा। जिसके बाद पुलिस ने उसके सड़क पर ही खुलेआम सजा देने का फैसला किया और उससे वहीं पर उठक-बैठक लगवाई। इतना ही नहीं पुलिस ने युवक से नारा लगवाया कि वह समाज का दुश्मन है। हालांकि हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई ही उसे छोड़ दिया। लेकिन पुलिस ने लॉकडाउन तोड़ने के लिए युवक को अच्छे से सबक सिखा दिया।
बता दें कि मध्य प्रदेश के इंदौर बुरी तरह से कोरोना वायरस से प्रभावित हो चुका है। जिले में शनिवार को भी कई नए मामले सामने आए। शनिवार को कुल 441 सैंपल्स की जांच की गई, जिसमें से 91 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की बात सामने आई है। इन नए मामलों की पुष्टि होने के बाद जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1,176 तक पहुंच चुका है। जबकि अब तक इंदौर में कुल 57 लोगों की जान जा चुकी है।