"जाने दो साहब, जो रुपये थे उनकी खरीद लिया साइकिल" लॉकडाउन में जब पुलिस ने रोका तो....

जाने दो साहब, जो रुपये थे उनकी खरीद ली साइकिल
सोनीपत से साइकिल से बलिया अपने घर लौट रहे 11 मजदूरों ने पुलिसकर्मियों के सामने हाथ जोड़े और बोले जाने तो साहब। मजदूरी के बचे रुपये से घर लौटने के लिए पुरानी साइकिल खरीद ली। अब उनके पास खाने तक के रुपये नहीं हैं। पुलिस ने उनकी नहीं सुनी तथा लॉकडाउन का पालन करते हुए सभी मजदूरों को बृजघाट पुल से वापस लौटा दिया।
लॉकडाउन के बावजूद अभी तक भी दूसरे राज्यों में मजदूरी कर रहे लोगों का अपने घर वापस लौटना बंद नहीं हुआ है। रोजाना नेशनल हाईवे से गुजरने वाले मजदूर इस बात का उदाहरण हैं। बलिया जिले के देवा टांडा गांव निवासी रामकिशोर, जयप्रकाश, अनिल, मिथुन, रामपाल, सतीश, राकेश, भजन, विनय, जितेंद्र व अमन सोनीपत में रहकर मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन में कामकाज बंद हो गया। जब तक रुपये रहे तो एक स्थान पर रुककर खाते रहे लेकिन जब थोड़े से रुपये बचे तो सभी मजदूरों ने घर लौटने के लिए पुरानी साइकिले खरीद लीं और अपने घर की तरफ चल पड़े। 

जयप्रकाश के मुताबिक वह चार दिन पहले सोनीपत से चले हैं। उनके पास खाने तक के रुपये नहीं हैं। बृजघाट चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका तो सभी मजदूरों ने अपनी साइकिलें खड़ी की तथा पुलिस के सामने हाथ जोड़कर कहा कि जाने दो साहब अब खाने के लिए रुपये तक नहीं बचे। पुलिसकर्मियों ने सभी मजदूरों को वापस लौटा दिया। प्रभारी निरीक्षक जयवीर सिंह ने लॉकडाउन का पालन कड़ाई से किए जाने की बात कही।