लॉकडाउन में फसल की आड़ लेकर भारत में आते हैं ये लोग, लेकिन BSF ने मंसूबों पर फेरा पानी

पंजाब में इस समय गेहूं की कटाई का समय चल रहा है। वैसे तो भारत-पाकिस्तान की सरहद पर कड़ा पहरा रहता है लेकिन कोरोना महामारी के चलते सतर्कता अधिक है। इसके बाद भी पाकिस्तानी घुसपैठिए भारत में घुसने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। इरादा चाहे कुछ भी हो, जैसे कोरोना महामारी से पीड़ित को भारत में भेजना या फिर तस्करी का सामान भारत में भेजना, मगर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की मुस्तैदी ने इन सभी मंसूबों पर पानी फेर दिया है। रविवार को बीएसएफ ने एक घुसपैठिया को मार गिराया। उसके दो साथियों को भागने पर मजबूर कर दिया।
पंजाब के सरहदी इलाकों में गेहूं की फसल खड़ी है। इसकी वजह से इन सरहदी इलाकों में तस्करों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। यही दिन होते हैं कि तस्कर पकी हुई फसल का फायदा उठाकर हेरोइन व हथियारों की तस्करी करते हैं। पंजाब के फाजिल्का से लेकर पठानकोट तक लगते इस बॉर्डर एरिया में इन दिनों घुसपैठ की वारदातें आम होती हैं। पिछले साल पांच फरवरी को भी घुसपैठ करता एक तस्कर फिरोजपुर सरहद से पकड़ा गया था। तीन अगस्त को भी फिरोजपुर की मनोज पोस्ट से बीएसएफ ने घुसपैठिया गिरफ्तार किया था। 17 अक्टूबर 2019 को अटारी सीमा के बच्ची भिंड पोस्ट से भी बीएसएफ ने एक घुसपैठिया गिरफ्तार किया था।

घुसपैठिये खेतों में खड़ी फसल का फायदा उठाकर भारत में घुसने की कोशिश करते हैं। यह तस्कर अक्सर सीमा के इस पार या तो जासूसी के लिए आते हैं या फिर तस्करी के लिए। ज्यादातर मामलों में तस्करी ही सामने आती है। मैदानी इलाका होने के कारण फसल में छुपकर आसानी से भारत में घुसा जा सकता है। इसी बात का फायदा उठाकर तस्कर अक्सर बॉर्डर के इस पार आने की कोशिश करते हैं।