COVID 19 : ये हैं इंदौर के कुछ सच्चे कोरोना वॉरियर्स, 20 गांवों की खुद ही कर दिया सीमा सील!

कोरोना वायरस ने धीरे-धीरे भारत के सभी राज्यों को अपनी चपेट में ले लिया है जिसके चलते अभी तक 75 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और 2000 से अधिक लोग अस्पताल में उपचार कराने के लिए मजबूर हैं. वहीं, मिनी मुंबई और देश के सबसे सुरक्षित शहर इंदौर में भी कोरोना पीड़ित देश टॉप थ्री शहरों में शामिल हो गया है. इंदौर के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत नजर आ रही है जिसके चलते ग्रामीण अपनी सुरक्षा के लिए आगे आए हैं और खुद दिन रात अपने गांव की सुरक्षा कर रहे हैं. इसके अलावा ये गांव की सीमा पर तैनात रहकर लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर रहे हैं.
इंदौर जिले के दतौरा गांव के लोग हाथ में डंडा मास्क और सैनिटाइजर लेकर अपने और अपने गांव की रक्षा करने के लिए सड़क पर दिन रात पहरेदारी कर रहे हैं. दरअसल, इन्हें डर है कि कहीं कोरोना इनके गांव में न प्रवेश कर जाए. इसलिए ये गांव की सीमा पर खड़े होकर गांव में घुसने वाले हर नागरिक के सैनिटाइजर से हाथ साफ करा रहे हैं और उन्हे मास्क भी दे रहे हैं. गांव के ये लोग चौबीस घंटे ड्यूटी कर रहे हैं. कुछ लोग दिन में तो कुछ लोग रात में गांव की सीमा पर तैनात रहते हैं और हर आने जाने वालों पर नजर रखते हैं.
कोरोना के संक्रमण के चलते इंदौर के भवरकुआं से सिमरोल तक करीब 20 गांवों ने अपनी सीमाएं सील कर दी हैं ताकि कोई भी व्यक्ति गांव से शहर और शहर से गांव में न आ जा सके. इतना ही नहीं यदि कोई व्यक्ति जाने का प्रयास भी करता है तो वहां मौजूद लोग उसका सैनिटाइजर से हाथ साफ कराकर और मास्क पहनाकर रवाना करते हैं लौटने पर फिर सेनिटाइज किया जाता है. गांव वालों का कहना है कि इंदौर में आम जनता की लापरवाही के चलते कोरोना का संक्रमण लगातार फैल रहा है लेकिन वो सतर्क हैं.
अक्सर ये कहा जाता है कि शहरों में शिक्षित और पढ़े लिखे लोग रहते हैं. लेकिन इस घटना ने एक सच्चाई बयां कर दी है जिसमें जहां शहर में टोटल लॉकडाउन करने के लिए शासन और प्रशासन को विशेष सुरक्षा के साथ लोगों से साथ सख्ती बरतनी पढ़ रही है तो वहीं ग्रामीण इलाकों में बिना किसी पुलिस और बिना किसी सख्ती के ग्रामीण लोग अपने घरों में अच्छे से वक्त बिता रहे हैं.
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