Covid Eye से कोई नहीं बच सकेगा, लॉकडाउन में साबित होगा काफी ज्यादा उपयोगी

लॉकडाउन खत्म होने के बाद जब औद्योगिक गतिविधियां शुरू होंगी, तब एहतियात बरतना बहुत जरूरी होगा ताकि कोरोना वायरस का संक्रमण न फैले। वहीं घरों और फ्लैटों में भी रहने वाले भी बाहर से आने वाले परिचितों और रिश्तेदारों को लेकर बेहद संजीदा होंगे। ऐसे में कोरोना से बचाव के नियमों का पालन न करने वालों से संक्रमण का खतरा ज्यादा रहेगा। 
इन सबसे बचाव के लिए कानपुर आइआइटी के दो पूर्व छात्रों, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर गौरव तिवारी व इलेक्टिकल इंजीनियर दुर्विजय सिंह ने ‘कोविड-आई’ नाम का यह सॉफ्टवेयर बनाया है। औद्योगिक जगत के लिए यह काम सॉफ्टवेयर करेगा। तय सुरक्षा मानक की ड्रेस में नहीं होने पर कोविड-आई सॉफ्टवेयर पांच फीट पहले से चेतावनी दे देगा और दरवाजे का डिजिटल लॉक नहीं खोलने देगा। 

इस सुरक्षा मानक में मास्क, हेलमेट या कंपनी जो भी मानक चाहे, शामिल किया जा सकता है। कोविड-आई का कैमरा मास्क नहीं होने पर सिस्टम को सूचना देगा और सिस्टम दरवाजे को लॉक कर देगा। इससे बिना किसी भी दुकान, फैक्ट्री या अन्य स्थानों पर बिना मास्क के कोई भी व्यक्ति नहीं घुस सकेगा। अगर जबरदस्ती की तो पांच मिनट पहले अलार्म बजाकर सभी को आगाह कर देगा। काम करने के दौरान मास्क उतार दिया तो भी उसकी पहचान कर लेगा और अलार्म बजाएगा।

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दुíवजय सिंह ने बताया कि प्रोटोटाइप बनाकर इसका परीक्षण किया गया। मोबाइल के जरिए किए गए परीक्षण में तकनीकी में डिजिटल लॉक को भी जोड़ा गया है। अगर कोई कर्मचारी किसी दूसरे कर्मचारी की आड़ में बगैर मास्क के प्रवेश करने की कोशिश करता है तो दरवाजा ऑटोमेटिक बंद हो जाएगा।