मजदूरों को डराकर उनके खाते से पैसे हड़पने वाले ग्राम प्रधानों को DM ने भेज दिया जेल!

लाॅकडाउन (Lockdown) के दौरान अजमतगढ़ ब्लाक (Ajmatgarh Block) के दो ग्राम पंचायतों में सरकार द्वारा मजदूरों के खाते में भेजी गयी धनराशि को जबरन बैंक से निकाल लेने के मामले मेंं जिला प्रशासन ने एक्शन लिया है. जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह के निर्देश पर जीयनपुर कोतवाली (Jeyanpur Kotwali) में दो ग्राम प्रधानों और एक ग्राम प्रधान के एक गुर्गे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. साथ ही पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. दरअसल, इनके ऊपर मजदूरों को डरा-धमकाकर ग्राहक सेवा केंद्र की मशीन से मजदूरों का जबरन अंगूठा लगवाने के बाद धनराशि निकालने का आरोप है.
बता दें कि सरकार ने अजमतगढ़ ब्लाक के साल्हेपुर और पुनापार ग्रामसभा के मनरेगा मजदूरों के खाते में लाॅकडाउन के दौरान रुपए भेजे थे. ये मजदूर रुपए निकालते कि इससे पहले ही ग्राम प्रधान और उसके गुर्गे मजदूरों के घर धमक पड़े. मजदूरों को घरों से ग्राहक सेवा केन्द्र ले जाकर अगूंठा लगवा कर 95 प्रतिशत धनराशि को जबरदस्ती ले लिया. गांव के मजदूरों ने बताया कि कुल 51 सौ रुपये उनके खाते में सरकार ने भेजा था. ग्रामप्रधान और उनके गुर्गे केवल पांच सौ रुपये मजदूरों को दे रहे थे और सभी रुपये अपने पास रख ले रहे थे. इसके साथ ही मजदूरों को धमकी भी दे रहे थे. इसकी शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने संयुक्त रूप से एसडीएम सगड़ी प्रियंका प्रिदर्शीनी, बीडीओ अजमतगढ़ से जांच कराई गई. जांच में मामला सही पाया गया.

जांच अधिकारियों ने बकायदा मजदूरों के बयान को केवल कलबंद ही नहीं बल्कि वीडियो रिकार्डिंग भी करायी थी. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी ने सख्त रूख अपनाते हुए साल्हेपुर के ग्राम प्रधान पति हरिसेवक सिंह और पुनापार के ग्राम प्रधान नेमचन्द्र व उनके एक गुर्गे सोनू सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एसपी से तीनों को तत्काल गिरफ्तार करने के निर्देश दिये. मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार भी कर लिया है. वहीं, जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि गरीबों के पैसे को हड़पने वाले किसी भी प्रधान या उनके सहयोगियों को बक्सा नहीं जायेगा. आगे भी इस तरह की शिकायत मिली तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी.