तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद पर ED के बाद अब इनकम टैक्‍स ने भी कसा है शिंकजा

प्रवर्तन निदेशालय के तबलीगी जमात प्रमुख मौलाना साद कांधलवी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करने के बाद इनकम टैक्स ने भी साद पर शिकंजा कसा है. सूत्रों के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग ने मौलाना साद के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. विभाग को शक है कि मौलाना साद ने टैक्स की चोरी की है, अपनी इनकम छिपाई और अपनी संपत्ति की सही जानकारी नहीं दी, जिसके कुछ सबूत इनकम टैक्स के हाथ लगे हैं.
  • क्राइम ब्रांच ने मौलाना साद से इनकम टैक्स भुगतान के पिछले पांच साल के जो कागजात मांगे थे, उनका आंकलन किया जा रहा है.
  • मौलाना साद की पांच साल की इनकम और टैक्स रिटर्न्स अंडर स्कैनर हैं.
  • जांच एजेंसी ये भी पता करने की कोशिश कर रही है कि मरकज से जुड़े मेंबर्स का देशभर में घूम-घूम कर धर्मप्रचार करने का खर्चा कौन उठा रहा था.
  • मरकज के दौरान हजारों लोगों के आने जाने और ठहरने का खर्चा किन-किन लोगों ने उठाया.
  • ये भी पता लगाया जा रहा है कि मरकज में जो विदेशी मौलाना आये थे उनके आने जाने का खर्चा उन्होंने खुद उठाया या वो भी किसी और ने दिया था.

कानूनी पैतरे अपना रहा साद

मौलाना साद के वकील के मुताबिक, मौलाना इन्वेस्टीगेशन में सहयोग कर रहे हैं. 91 CRPC के तहत जो जानकारी मांगी गई दे दी है. जब 160 CRPC के तहत बयान देने बुलाया जाएगा तो हम जाएंगे. दो नोटिस का जवाब दिया है, पहले नोटिस में जवाब दिया था कि वो क्वारेंटीन में है. दूसरे में लिखा है कि स्टाफ भी क्वारेंटीन में जा चुका है. वहीं सूत्रों के मुताबिक, हकीकत ये है कि साद क्राइम ब्रांच को सहयोग नहीं कर रहा, कानूनी पैतरे अपना रहा है और ठिकाने बदल-बदल कर अपने रिश्तेदारों के यहां छिप रहा है.

ED ने दिल्ली पुलिस की 31 मार्च को दर्ज प्राथमिकी के आधार पर प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट दायर की है. मौलाना पर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दायर किया गया है. सूत्रों ने कहा कि मौलाना साद ईडी द्वारा दायर ईसीआईआर में नामित लगभग नौ लोगों के समूह में से हैं, जिसने साद द्वारा बनाए गए तबलीगी ट्रस्ट में लेनदेन के संबंध में एक जांच शुरू की है. दिल्ली पुलिस ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी के निजामुद्दीन स्थित मरकज की इमारत से लगभग 1,600 लोगों को निकाला था. इनमें से काफी लोग कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रस्त पाए गए थे. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने जमात प्रमुख के साथ ही अन्य कई लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की थी.

दिल्ली पुलिस ने कोरोना (Coronavirus) महामारी को देखते हुए संकट के समय में बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर साद और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई धाराओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने बुधवार को साद पर आईपीसी की धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया, जो कि किसी भी तरह की हत्या के लिए दूसरी सबसे बड़ी धारा मानी जाती है. यह धारा लगाए जाने के बाद साद की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं और माना जा रहा है कि अब उन्हें जमानत भी मिलनी मुश्किल है.