चीन ने उल्टा उठाया सवाल, "H1N1 और HIV पर अमेरिका से क्यों नहीं मांगा गया था जवाब?"

महामारी कोरोना वायरस के फैलने के बाद से ही दुनिया के अधिकतर देश चीन पर सवाल खड़े करते आ रहे हैं. इस कड़ी में अमेरिका सबसे आगे है. जब से वायरस का प्रकोप फैला है तभी से अमेरिका और चीन की बीच की जुबानी जंग भी तेज हो रही है. इसबार चीन ने अमेरिका को भी कई ऐसी अपदाओं के बहाने घरने की कोशिश की है, जिनका संबंध सीधे अमेरिका से है. मीडिया के मुताबिक, चीन ने सवाल उठाते हुए कहा है कि जब HIV, H1N1 वायरस और 2008 में आई वैश्विक मंदी का केंद्र रहे अमेरिका पर उस समय किसी तरह की कर्रवाई नहीं की गई तो अब इस समय हमारे खिलाफ कार्रवाई की मांग क्यों हो रही है?
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के वुहान में एक जांच दल भेजने की मांग की थी, जहां कोरोनोवायरस पहली बार उभरा था. चीन ने सोमवार को अमेरिका की इस मांग को ठुकरा दिया और कहा वो खुद इस महामारी का शिकार था न कि कोई अपराधी. राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को महामारी की तुलना प्लेग के साथ की और कहा कि वह वायरस पर चीन की गलतफहमी से खुश नहीं हैं. ट्रंप ने मीडिया से कहा, "हमने उनसे (China) बहुत समय पहले बात की थी. हम अंदर जाना चाहते हैं. हम यह देखना चाहते हैं कि क्या चल रहा है?"

ट्रंप के बयान का जवाब देते हुए, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और कहा: "वायरस सभी मानव जाति के लिए सामान्य दुश्मन है. यह दुनिया में कहीं भी किसी भी समय दिखाई दे सकता है. किसी भी अन्य देश की तरह ही चीन इस वायरस का शिकार हुआ है. चीन दोषी के बजाय पीड़ित है. हम इस वायरस के लिए जिम्मेदार नहीं हैं." गेंग ने कहा, "महामारी के प्रकोप के बाद से, चीन खुले और पारदर्शी तरीके से कार्य कर रहा है और COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए सबसे गहन और मजबूत उपायों के साथ है."

अमेरिकी राजनेताओं के दावे पर पलटवार करते हुए कि 'चीन पर दुनिया में कई मौतों के लिए मुकदमा दायर किया जाना चाहिए', गेंग ने कहा, "मुझे याद नहीं है कि इस तरह के कानून के लिए कोई मिसाल है." H1N1 इन्फ्लूएंजा, HIV / एड्स और 2008 में अमेरिका में वित्तीय संकट जो वैश्विक आर्थिक संकट में बदल गया था पर, गेंग ने पूछा, "क्या उस समय किसी ने अमेरिका की जवाबदेही तय की?"