WHO पर डॉनल्ड ट्रंप ने दागे 3 सवाल, कोरोना के लिए चीन पर मुकदमे की तैयारी भी हुई शुरू

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया में कोरोनावायरस के कहर को लेकर WHO को फिर से निशाने पर लिया है. WHO पर कोरोनावायरस को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने गंभीर आरोप लगाए हैं. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ के जर्नलिस्ट लान्ही चेन के हवाले से आरोप लगाया है कि WHO को दिसंबर में ही ताइवान ने बता दिया था कि कोरोनावायरस इंसानों के बीच फैल सकता है. इसके बावजूद WHO ने दुनिया को कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर गलत जानकारी दी. ट्रंप ने ट्वीट के जरिए तीन सवाल उठाए.
पत्रकार लान्ही चेन के सवालों को दोहराते हुए ट्रंप ने ट्वीट कर WHO पर ताइवान के स्वास्थ्य अधिकारियों के ई-मेल को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया और पूछा कि आखिर ऐसा क्यों किया गया? डोनाल्ड ट्रंप ने WHO पर आक्रमक रुख अपनाते हुए सवाल किया कि WHO ने जनवरी और फरवरी के महीने में ऐसे दावे क्यों किए जो कि या तो गलत या भ्रामक थे जबकि वायरस दुनिया में फैलता जा रहा था. साथ ही ट्रंप ने पूछा कि WHO को निर्णायक फैसला लेने में इतना लंबा वक्त क्यों लगा?

ट्रंप ने WHO पर चीन का पक्षपात करने का आरोप लगाया था. साथ ही अमेरिका को गलत जानकारी देने के लिए जिम्मेदार ठहराया था. इसी के बाद ट्रंप ने WHO की फंडिंग भी रोक दी. लेकिन जिस तरह से अब फॉक्स न्यूज़ के जर्नलिस्ट के सवालों को दोहराते हुए ट्रंप ने WHO पर हमला बोला है उससे अमेरिका और WHO के बीच टकराव गहराने की आशंका है. कोरोनावायरस की वजह से सबसे ज्यादा अमेरिका प्रभावित हुआ है. 

अमेरिका में अब तक तकरीबन 35 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 7 लाख के करीब लोग संक्रमित हो चुके हैं. ऐसे में अमेरिका अब कोरोनावायरस के मुददे पर चीन और WHO पर हमलावर हो गया है. हालांकि ट्रंप को चीन में कोरोनावायरस से हुई मौतों पर ट्वीट करने की वजह से देश में ही आलोचना का भी सामना करना पड़ा है. दरअसल ट्रंप ने ट्वीट किया कि चीन ने कोरोना की वजह से अपने देश में हुई मौतों को दोगुना कर दिया है जबकि यह संख्या अमेरिका से कहीं ज्यादा होने वाली है. इस पर लोगों ने सवाल किया कि चीन में ज्यादा मौत होने पर ट्रंप खुश कैसे हो सकते हैं. 

लोगों ने ये तक कहा कि चीन ने सिर्फ वुहान में हुई मौतों को 50 प्रतिशत बढ़ाया है. लेकिन अब ट्रंप कोरोना महामारी को लेकर चीन और WHO पर सीधे और तीखे हमले कर रहे हैं. अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन और फ्रांस भी कोरोनावायरस को लेकर चीन पर सवाल उठा रहे हैं. वहीं अमेरिका के दो सांसदों ने संसद में चीन के खिलाफ एक विधेयक पेश किया है. संसद में विधेयक के पास होने के बाद संघीय अदालत में चीन के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा और  कोरोनावायरस की महामारी से हुई  मौत और आर्थिक नुकसान का मुआवज़ा वसूला जाएगा.