WHO के विशेष दूत ने किया भारत की तारीफ, कहा.."इतनी जल्दी लॉकडाउन लगाना दूर की सोच थी"

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए मोदी सरकार ने पिछले महीने पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू किया. सरकार के इस फैसले की विपक्षी दलों ने आलोचना भी की. कहा गया कि सरकार ने बिना किसी तैयारी के लॉकडाउन का ऐलान कर दिया. हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेष दूत डॉक्टर डेविड नाबरो का कहना है कि भारत में लॉकाडउन को जल्दी लागू करना एक दूर की सोच थी, साथ ही ये सरकार का साहसिक फैसला था. इस फैसले से भारत की जनता को कोरोना वायरस के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ने का मौका मिलेगा.
हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए डेविड नाबरो ने कहा, 'भारत में लॉकडाउन को काफी जल्दी लागू किया गया. ये तब अमल में लाया गया, जब यहां कोरोना के काफी कम मामले थे. निश्चित तौर पर ये भारत का दूरदर्शी फैसला था. इस फैसले से लोगों को इसके खतरे के बारे में ठीक से पता लग जाएगा. ऐसे में इसे स्थानीय स्तर पर रोकने में मदद मिलेगी. ये बात सही है कि कई लोग इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं. ये सरकार का साहसिक कदम है. मजदूरों को काफी दिक्तत हो रही है. लेकिन अगर देर से लॉकडाउन होता तो कई लोगों की जान जा सकती थी साथ ही ये बड़े स्तर पर फैल सकता था.'

डेविड नाबरो ने कहा कि तीन हफ्ते का लॉकडाउन बिल्कुल सही रणनीति है. नाबरो का ये भी मानना है कि कई देशों में लॉकडाउन का सही तरीके से पालन नहीं किया गया. उनका इशारा यूरोप और अमेरिका की तरफ था. यहां हर दिन हज़ारों लोगों की जान जा रही है. अमेरिका में तो पिछले 24 घंटे में 1480 लोगों की जान जा चुकी है. उनका ये भी मानना है कि आने वाले दिनों में इस खतरनाक वायरस का संक्रमण खत्म नहीं होने वाला है. नाबरो के मुताबिक अभी इस वायरस के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है. उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता की गर्मी के दिनों में क्या होगा. ये वायरस अभी सिर्फ 4 महीने पुराना है. मैं देखना चाहुंगा की भारत में गर्मी के मौसम में किस तरह के हालात होते हैं. क्या ये कम होंगे. या फिर इसमें ज्यादा बदलाव नहीं आएगा.'
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