WHO का ट्रम्‍प को करारा जवाब, "कोरोना पर सियासत नहीं, अगर नहीं सुधरे तो..."

चीनी कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया के शहरों में दस्तक दे चुका है और सबसे अधिक संकट अमेरिका में मंडराया है, जिसके चलते अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पर आरोप लगाते हुए फंडिंग रोकने की धमकी दी थी, इसके बाद डब्ल्यूएचओ के चीफ ने भी जेनेवा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसका उन्हें करारा जवाब देते हुए यह बात कही है।

WHO ने दिया यह जवाब 
डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेडरोस अधानोम गेब्रियेसस द्वारा दिए गए बयान में उनका कहना है कि, "कोरोना वायरस का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए, अभी जरूरत है कि हम सब साथ मिलकर काम करें। अगर हम नहीं सुधरे, तो हमारे सामने और ज्यादा ताबूत रखे होंगे, लाशों का ढेर लग जाएगा, इस वक्त कोरोना वायरस की लड़ाई में चीन और अमेरिका को साथ मिलकर काम करना चाहिए।" कोरोना वायरस के राजनीतिकरण से क्वारंटीन रहें, दलगत, विचारधारा और धार्मिक मतांतर से ऊपर उठें... कोरोना पर सियासत मत कीजिए, यह आग से खेलने जैसा है। - टेडरोस अधानोम गेब्रियेसस

इतना ही नहीं आगे डायरेक्टर जनरल टेडरोस अधानोम ने विश्व स्वास्थ्य संगठन का बचाव करते हुए यह भी कहा कि, न्यू ईयर के दिन जैसे ही चीन में इस वायरस के बारे में पता चला WHO तुरंत हरकत में आ गई, 5 जनवरी को हमने सारे सदस्य देशों को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद 10 जनवरी तक वायरस के लड़ने के लिए गाइडलाइन्स भी जारी कर दिए गए, जब पता चला कि इस वायरस से कम्युनिटी आउटब्रेक हो रहा है, तो हमने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी का ऐलान कर दिया।

डब्ल्यूएचओ पर लगाया था यह आरोप 
डब्ल्यूएचओ को फंडिंग रोकने की धमकी देने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने लापरवाह होने और चीन पर खास ध्यान देने का आरोप भी लगाया था। आपको बता दें कि, इस खतरनाक वायरस से अमेरिका में अब तक 14,700 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4 लाख 30 हजार अमेरिकी कोरोना संक्रमित हैं। इतने अधिक बढ़ते मामले को देखता देख राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प बौखलाए हुए हैं और काफी सुर्खियों में बने हुए है।