102 साल बाद भी पाकिस्तान में शान से खड़ी है "कपूर हवेली" मरने से पहले वहाँ जाना चाहते थे ऋषि कपूर

30 अप्रैल को बॉलिवुड के दिग्गज ऐक्टर ऋषि कपूर का देहांत हो गया। कई सालों तक कैंसर से जंग लड़ने के बाद आखिरकार वह हार गए और इस दुनिया को विदा कह दिया। उनके चाहने वाले केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मौजूद हैं। खासतौर पर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में। 
पाकिस्तान से ऋषि कपूर का खास लगाव रहा है। पाकिस्तान में ही ऋषि कपूर के पिता राज कपूर का जन्म हुआ था। वह जिस घर में रहते थे, वह आज भी पाकिस्तान के पेशावर में मौजूद है। इसे 'कपूर हवेली' के नाम से जाना जाता है। आइए आपको 'कपूर हवेली' के बारे में बताते हैं...
'कपूर हवेली' पाकिस्तान के पेशावर के किस्सा ख्वानी बाजार में स्थित है। इस हवेली में ही ऋषि कपूर के पिता राज कपूर का जन्म हुआ था। यह हवेली चारों ओर दुकानों से घिरी है। इस हवेली का निर्माण राज कपूर के दादा और पृथ्वीराज कपूर के पिता स्व. श्री बशेश्वरनाथ ने करवाया था। बशेश्वरनाथ एक दीवान थे।

40-50 कमरों वाली 5 मंजिला हवेली
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह हवेली 5 मंजिला थी। बाद में भूकंप के कारण इसमें दरारें पड़ गईं और इसकी ऊपरी तीन मंजिलों को ढहा दिया गया। इसमें 40-50 कमरे थे। इसका निर्माण 1918 से 1922 के बीच करवाया गया। यह उस वक्त के सबसे आलीशान निर्माणों में से एक थी। हालांकि बाद में धीरे-धीरे रखरखाव की कमी का असर हवेली पर दिखने लगा और वह जर्जर हो गई। यह तस्वीर पेशावर की 'कपूर हवेली' में खड़े ऋषि कपूर और रणधीर कपूर की है।
साल 1990 में ऋषि कपूर को अपनी पुश्तैनी हवेली देखने का मौका मिला। इस दौरान वह अपने अंकल शशि कपूर और पिता राजकपूर के साथ पेशावर स्थित कपूर हवेली गए थे। वापस आते वक्त वह हवेली के आंगन से मिट्टी उठाकर ले आए ताकि अपनी विरासत को सहेजकर रख सकें। ऐसा उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था।

ऋषि कपूर ने जताई थी एक बार हवेली को देखने की इच्छा
ऋषि कपूर को पाकिस्तान से काफी लगाव था। साल 2016 में ऋषि कपूर ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान जाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने अपनी एक पुरानी तस्वीर शेयर की थी जिसमें वह रणधीर कपूर के साथ कपूर हवेली में खड़े हैं। इसके एक साल बाद उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं 65 साल हूं और मरने से पहले एक बार पाकिस्तान देखना चाहता हूं।