लॉकडाउन की आड में तंबाकू उत्पादों की ऐसी कालाबाजारी : 1 करोड़ का जर्दा और गुटखा बरामद

कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में तंबाकू सेवन करने वाले खासे परेशान हैं। सरकार ने तंबाकू उत्पाद की बिक्री से रोक नहीं हटाई है। उधर, इनका सेवन करने वालों को चैन नहीं पड़ रहा। कई लोग तो जर्दा-गुटखा के इतने अभ्यस्त है कि उनकी दिनचर्या प्रभावित है। स्वभाव चिड़चिड़ा हो गया। तनाव में हैं। कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। घरों में कैद रहकर जर्दे के बिना कई युवक बेचैन हैं। दूसरी ओर tobacco products तंबाकू उत्पादों की कालाबाजारी बढ़ गई। अवैध रूप से जर्दा-गुटखा परिवहन व विक्रय के मामले सामने आ रहे हैं।
अजमेर जिले के ब्यावर उपखंड में पुलिस ने शनिवार को एक करोड़ 2 लाख का tobacco products तंबाकू उत्पाद पकड़ा है। जवाजा थाना पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक होटल के सामने तम्बाकू उत्पाद से भरे ट्रक को पकड़ा। इसमें एक लाख छब्बीस हजार पाउच भरे हुए थे जो परचून सामानों की आड़ में ले जाए जा रहे थे। इनकी बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

जवाजा थानाधिकारी कंवरपालसिंह ने बताया कि लॉकडाउन की पालना के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक होटल के सामने ट्रक को रुकवाया। तलाशी में पता चला कि चावल के मुरमुरों के कट्टों के नीचे जर्दे के कर्टन रखे हुए थे। इसमें जर्दा के 150 कर्टन भरे हुए थे।
प्रत्येक कर्टन में 42 पैकेट मिले। इन प्रत्येक पैकेट में बीस-बीस पाउच रखे गए थे। इन पाउच की कुल संख्या एक लाख 26 हजार है। पुलिस ने भरतपुर के बुराना गांव निवासी जोगेन्द्र को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि लोगों से लॉकडाउन के दौरान तम्बाकू उत्पाद की कीमत बढ़ाकर वसूल की जा रही है।

इसी प्रकार ब्यावर शहर थाना पुलिस ने शनिवार को चांगगेट समीप सेंदड़ा रोड पर एक युवक से दो लाख रुपए कीमत के तम्बाकू उत्पाद सहित गिरफ्तार किया। शहर थानाधिकारी रमेन्द्रसिंह ने बताया कि चांगगेट सेंदड़ा रोड पर गुटखा, बीड़ी, एवं सिगरेट बेचने की फिराक में खड़ा था। पुलिस ने कुंदनकुमार नामक युवक से पूछताछ कर तलाशी ली। इस दौरान अलग-अलग पेटियों में विभिन्न कम्पनी पान-मसाला गुटखा के 474 पैकेट मिले। इसके अलावा बीड़ी के बंडल एवं सिगरेट भी बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी युवक कुंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

लॉकडाउन की आड में कई विक्रेता tobacco products तंबाकू उत्पादों को आठ से दस गुना अधिक कीमत में बेच रहे हैं। यही हाल देसी जर्दे का है। जो बीड़ी का बंडल 15 से 20 रुपए में बिकता था। उसकी कीमत अस्सी से नब्बे रुपए हो गई। यही हाल सिगरेट का है। इसी तरह पांच से आठ रुपए कीमत वाले गुटखे 60 से 70 रुपए में बेचे जा रहे हैं। जो पाउच 10 से 12 रुपए का मिलता था। वह 100 रुपए में बिक रहा है। कई लोग तो बीड़ी का जर्दा निकालकर चबाने को मजबूर है। बाजार में तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर रोक, गुटखा-जर्दा की कमी व उपभोक्ताओं की डिमांड के चलते इनके भाव काफी बढ़ गए। इसके बावजूद लोग खरीद रहे हैं।