लॉकडाउन में घर से 2 मासूमों के साथ पैदल निकली, खुले आसमान के नीचे गुजारी रात

रायपुर राजधानी के भनपुरी स्थित बंजारी मंदिर के सामने तिराहे पर पचासों मजदूर वाहन का इंतजार कर रहे थे। उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड और बिलासपुर के रहने वाले मजदूर हैदराबाद से लौटे थे और अपने गृहग्राम जाने के लिए दोपहर करीब 2 बजे तपती धूप में इस उम्मीद में बैठे थे कि कोई वाहन वाला उन्हें बैठाकर गंतब्य स्थान तक छोड़ देगा। मजदूरों से कुछ दूरी पर एक महिला अपने दो मासूम बच्चों के साथ खड़े ट्रक के नीचे बैठी थी। महिला से पूछने पर उसने बताया कि वह पति के साथ हैदराबाद से आ रही है और बिलासपुर जाना है।

महिला ने बताया कि आसमान के नीचे रात गुजारकर तथा रास्ते में किसी ने कुछ खाने को दे दिया उससे बच्चों का भूख मिटाकर करीब एक सप्ताह में यहां तक पहुंची है। महिला ने मजदूरों के साथ खड़े पति को दिखाकर चुप हो गई, क्योंकि उसके घर के एक सदस्य रेवत कुमार केंदले आ गए थे। केंदले ने बातचीत के दौरान बताया कि वह हैदराबाद में काम करते थे। लॉकडाउन की वजह से बेरोजगार हो गए और पैसे के अभाव में वहां रहना मुश्किल हो गया था।

बिलासपुर पहुंचने के लिए परिवार के साथ करीब एक सप्ताह पहले पैदल निकले हैं। रास्ते में कोई वाहन मिल जाता था तो उस पर बैठक कुछ दूरी तय करते थे। जहां वाहन उतारता वहां से फिर पैदल आगे बढ़ते थे। इस दौरान परिवार के साथ उन्होंने 200 किमी से ज्यादा पैदल रास्ता तय किया है। केंदले से अभी बातचीत हो ही रही थी एक चारपहिया वाहन आ गया और वह ड्राइवर से बातचीत करने चले गए। ड्राइवर से बातकर वह पूरे परिवार के साथ वाहन में सवार हो गए।