लॉकडाउन में एक स्कूटी, मियां बीवी कर 3 बच्चे और 1650 किलोमीटर का लंबा सफर

कोरोना महामारी के कारण देश में लॉकडाउन लागू है। ऐसे प्रवासी मजदूर अपने गांव पैदल ही जाने को मजबूर हैं। कुछ मजदूर तो अपने साइकिल से ही अपने घर की तरफ रवाना हो गए। ऐसा ही मामला गोरखपुर से समाने आया है। जहां पर एक युवक स्कूटी पर ही परिवार समेत महाराष्ट्र के कल्याण से 1650 किलोमीटर तय करके गोरखपुर पहुंचा। जिले के गांव फरसाड़ निवासी देवनारायण यादव अपने बीवी और तीन बच्चों के साथ स्कूटी चलाकर जब घर पहुंचा तो गांव वाले चौंक गए। गुरुवार देर शाम गांव पहुंचने पर उनके परिवार की कोरोना जांच की गई है।बता दें कि देवनारायण 10 साल से महाराष्ट्र के कल्याण में रहकर इलेक्ट्रीशियन का काम करते हैं। किराये की खोली में पत्नी और तीन बच्चों के साथ। जनवरी में उन्हें मलेरिया हुआ। दो महीने में स्वस्थ हुए तब तक लॉकडाउन हो गया। उसके पास अर्थिक संकट आ गया इस पर उसने बच्चे छोटे हैं, इसलिए पैदल नहीं निकले। हिम्मत करके स्कूटी पर परिवार संग निकले। छोटी बेटी को कभी बेटे के साथ खड़ा कर लेते तो कभी मां की गोद में बैठा देते। एक दिन में 250-300 किलोमीटर यात्रा कर पाते थे।

देवनारायण ने बताया कि मुंबई और गोरखपुर प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। ट्रेन के टिकट के लिए तीन बार प्रयास किया पर नहीं मिल। आखिरकार जोखिम भरा सफर स्कूटी से तय करना पड़ा। इस सफर में उन्होंने 3 हजार रुपये का पेट्रोल इस्तेमाल किया।

देवनारायण यादव के मुताबिक 12 मई की शाम 5 बजे कल्याण से चले थे। वो भी एक परिचित से 5 हजार रुपये उधार लेकर, पत्नी सुनीता, बेटी काजल (12), जाह्नवी (5) और बेटे शुभम (10) के साथ। दो बैग में कपड़े और थोड़े-से बिस्कुट और नमकीन। बकौल देवनारायण बताते हैं कि रात में हम सब कहीं पेट्रोल पंप में सो जाते थे, तो कहीं मंदिर में. ज्यादातर जगह स्थानीय लोगों ने भोजन दिया। वहीं घर पहुंचने के बाद देवनारायण कहते हैं कि इस यादगार सफर वो कभी नहीं भूल पाएंगे।