30 साल से जिसकी हो रही थी खोज, अब कुएं से निकली बेशकीमती चीज़

कभी-कभी देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसे मामले सामने आते हैं, जब कहीं खुदाई के दौरान सिक्के या मूर्तियां निकल आती हैं और लोग हैरत में पड़ जाते हैं. ऐसा ही मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश के बांदा से, जहां कृष्ण भगवान की ऐसी मूर्ति निकली कि देखने वालों का तांता लग गया. यह पूरा मामला बांदा के मवई का है, यहां एक कुएं की खुदाई और सफाई के दौरान भगवान कृष्ण की बेशकीमती अष्टधातु की मूर्ति निकली है. मूर्ति के मिलते ही सूचना पूरे इलाके में फैल गई. दिलचस्प बात यह है कि इस मूर्ति को 30 साल से खोजा जा रहा था, मूर्ति मिलते ही एक पुरानी घटना फिर से ताजा हो गई.
दरअसल, लाखों रुपये के कीमत की यह अष्टधातु मूर्ति भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप को दर्शाती है, इसका वजन डेढ़ से दो किलो के बीच है. इस मूर्ति के मिलते ही बताया गया कि यह 30 साल पहले गांव के ही राम जानकी मंदिर से चोरी हुई थी, इसके बाद इस घटना को सुनकर लोग हैरान रह गए, कुछ लोगों को तो इसके बारे में पता ही नहीं था.
अपर पुलिस अधीक्षक भरत कुमार पाल ने घटना का ब्यौरा देते हुए बताया कि पुलिस ने अस्थधातु की मूर्ति को अपने कब्जे में लेकर इसे रात में कोतवाली में रखवा दिया है. आश्चर्य की बात यह भी है कि मूर्ति का दाहिना हाथ कटा हुआ है. ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों से कुएं में मूर्ति देखे जाने की बातें हवा में उड़ रही थीं, इसकी सूचना ग्राम प्रधान को भी दी गई. अंततः ग्राम प्रधान द्वारा पुलिस की मौजूदगी में कुएं के पानी को पम्पिंग सेट से खाली कराया गया. इसके बाद जो हुआ वह देखकर गांव वाले चौंक गए.
कुएं से पानी खाली कराते ही मूर्ति निकलवाई गई. यह वही मूर्ति निकली जो तीस साल पहले चोरी हुई थी. इस दौरान गांव के तमाम लोग वहां मौजूद थे. पुलिस की भी एक टीम मौके पर पहुंच गई. सब लोग बारी-बारी से मूर्ति देख रहे थे कि क्या यह वही मूर्ति है. फिलहाल ग्रामीणों ने काटकर चुराया गया मूर्ति का दाहिना हाथ बरामद करने की मांग की है. कोतवाली नगर पुलिस ने मूर्ति को अपने कब्जे में लेकर संबंधित विभागों को इसकी सूचना दे दी है.

उधर, मूर्ति मिलने से गांव वालों के बीच चर्चा हो रही है कि प्रशासन इस मूर्ति का क्या करेगा. गांव के ही रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि इस मूर्ति के बारे में जानकारी मिलते ही सबसे पहले पुलिस को बताया गया, अभी इस मूर्ति की जांच की जा रही है यह किस धातु की बनी है. एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि गांव के वरिष्ठजनों की निगरानी में इस मूर्ति को निकाला गया है. 
उन्होंने बताया कि यह अष्टधातु की हो सकती है. फिलहाल इस मूर्ति को पुलिस की टीम ले गई है. अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह मूर्ति दो माह पहले भी मजदूरों को दिखी थी लेकिन उन्होंने उस पर ध्यान नहीं दिया. लेकिन जब इसका खुलासा हुआ तो इसे निकलवाने की बात की गई है और बुधवार को इस मूर्ति को कुएं से निकलवाया गया.