मदर्स दे पर दो घंटे के नवजात को सड़क पर फेंका, 6 घंटे के अंदर ही 100 लोग अपनाने पहुंच गए

मां मेरा क्या कसूर था... जो पैदा हाेते ही सड़क पर फेंक दिया। संभवत: दाे घंटे पहले जन्मा नवजात यदि बोलना जानता हाेता तो पहला सवाल यही करता। जी हां, यह नवजात बालक रविवार की सुबह 6.10 बजे असवार और रावतपुरा मार्ग के बीच डूडा गांव के पास सड़क किनारे पड़ा हुआ ग्रामीणों ने देखा। सूचना मिलने पर डायल 100 पुलिस मौके पर पहुंची। 
साथ ही उसे लहार अस्पताल लेकर आई। जहां से उसे जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। यहां उसे एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं अब उसकी हालत भी ठीक बताई जा रही है। इस नन्ही सी जान को जहां उसकी मां ने पैदा होते ही सड़क पर फेंक दिया। वहीं जब लोगों को पता चला तो मात्र 6 घंटे में 100 से ज्यादा लोग उसे अपनाने के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए।

कम समय- कम वजन का बच्चा, नाल भी नहीं कटा था
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. केके गुप्ता ने बताया इस बच्चे का जन्म कम समय में (9 महीना का समय पूर्ण होने से पहले) हुआ है। साथ ही उसका वजन भी कम है। डॉ गुप्ता के मुताबिक सामान्य तौर पर नवजात बच्चे का वजन 2.5 किलोग्राम के करीब रहता है। 

जबकि इस बच्चे का वजन 1 किलो 900 ग्राम है। बताया जा रहा है कि इस बच्चे का जन्म घर पर किसी दाई के द्वारा कराया गया है। डॉक्टर के मुताबिक ज्यादातर दाइयां बच्चे की नाल नहीं काटती हैं। इस बच्चे की भी नाल नहीं कटी थी। बालक होने की वजह से शंका जाहिर की जा रही है कि इसे किसी अविवाहित लड़की ने जन्म दिया है। लोक लाज के डर से उसने सड़क पर फेंक दिया।