लॉकडाउन में 60 दिन में 4 हजार किलोमीटर का सफर किया, अब भी हैं घर से दूर

लॉकडाउन में विदेश में फंसे एक युवक को 60 दिन लगे उत्तराखंड में अपने जिले में पहुंचने के लिए. इस दौरान युवक ने हवाई यात्रा से लेकर सड़क की लगभग 4 हजार किलोमीटर का सफर तय किया. 3 बार क्वारंटाइन में वक़्त गुजारने के बाद आखिरकार जब वह उत्तराखंड के चंपावत जिले में स्थित अपने घर से कुछ दूर आ पहुंचे, तब उन्हें एक बार फिर 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रहने को कहा गया है. युवक चंपावत जिले के खटोली गांव का रहने वाला है. उसका नाम प्रवीण बुराठी है. 
मर्चेंट नेवी में कार्यरत प्रवीम लॉकडाउन के दौरान ईरान में फंसा हुआ था. प्रवीण बुराठी ने घर आने के लिए 28 फरवरी का टिकट बुक कराया था. ईरान से उसकी फ्लाईट 28 फरवरी को दिल्ली के लिए रवाना होती, उसके पहले लॉकडाउन हो गया और उसे वहीं पर होटल में शरण लेनी पड़ी. 20 दिन होटल में रहने के बाद वह ईरान से भारत तो आ गया, लेकिन दिल्ली आने के बाद उसे राजस्थान भेज दिया गया, जहां उसे 40 दिन क्वारंटाइन में रहना पड़ा.

प्रवीण बताते हैं कि विदेश से लेकर भारत तक आने के बीच उनका 3 बार कोरोना टेस्ट हुआ, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई. 60 दिन क्वारंटाइन में गुजारने के बाद जब वह अपने जिले चंपावत पहुंचा, तो प्रशासन ने यहां एक बार फिर उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटाइन में भेज दिया. ईरान से अपने घर के निकलने के दौरान प्रवीण को लगभग 4 हजार किलोमीट की हवाई और सड़क यात्रा करनी पड़ी. प्रवीण का कहना है कि इस दौरान उन्होंने हौसला बनाए रखा. इसी वजह से वे इस खतरनाक बीमारी से खुद को बचाने में कामयाब हो सके.