कोरोना के समय कब्र में दफन महिला का शव 9 दिन बाद निकलवाया गया बाहर, जानिए ऐसा क्यों किया गया

राजस्थान के भरतपुर में नौ दिन से कब्र में दफन एक महिला का शव फिर से बाहर निकाला गया है। शुक्रवार शाम को कार्यपालक मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस की मौजूदगी में मेडिकल टीम ने मौके पर ही उसका पोस्टमार्टम करके वापस दफन कर दिया। शव को कब्र से निकालने की नौबत इसलिए आई कि विवाहिता की मौत विगत 13 मई को हुई थी, लेकिन बाद में पता लगने पर मृतका जीनत के भाई आजाद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बहन की गला दबाकर ससुराल वालों ने हत्या की है। इस पर मजिस्ट्रेट की देखरेख में कब्र से निकालकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
ये मामला भरतपुर जिले के कामां कस्बे के नाला बाजार का है। 13 मई को एक विवाहिता की मौत हो जाने पर उसका शव कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। मृतका के पीहर पक्ष के लोग भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। ससुराल पक्ष के लोगों ने उनको बताया कि विवाहिता की मौत सर्पदंश के कारण हुई है। कुछ दिन बाद मृतका के भाई को पता लगा कि उसकी बहन की मौत सर्प दंश के कारण नहीं हुई बल्कि उसके ससुराल वालों ने गला दबाकर उसकी हत्या की थी। इसके बाद उसने ससुराल के लोगों के खिलाफ बहन की हत्या का मामला दर्ज करवाया, जिस पर कार्रवाई करते हुए मजिस्ट्रेट की निगरानी में कब्र से शव को निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया है।

कामां थानाप्रभारी धर्मेश दायमा ने बताया कि कामां कस्बा के नला बाजार में जीनत की 14 मई को मौत हो गई। ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता के शव को सर्प दंश से मौत होना बताकर सुपुर्द ए खाक कर दिया था। मृतका के भाई आजाद निवासी ठेकड़ी थाना सीकरी ने 20 मई को कामां थाने पर बहन जीनत की गला दबाकर हत्या कर देने का मामला दर्ज करावाया। पुलिस ने कार्यपालिका मजिस्ट्रेट सत्यनारायण छिपा की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकालकर मेडिकल बोर्ड से मृतक विवाहिता के शव का पोस्टमार्टम करवााय। उसकी शादी वर्ष 2018 में कामां कस्बा के नाला बाजार निवासी असलम के साथ हुई थी।