लॉकडाउन में तपती धूप में सड़क पर महिला ने दिया बच्ची को जन्म, पैदल जा रही थी अपने घर

जाको राखे साईंया मार सके न कोए, यह कहावत लॉकडाउन के दौरान पलवल में देखने को मिली। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते देश को लॉकडाउन किया हुआ है। लॉकडाउन में सबसे अधिक समस्या प्रवासी मजदूरों को आ रही है  क्योंकि उनका मजदूरी बंद हो गई और उनके सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया जिसके लेकर इन मजदूरों ने पलायन करना शुरू कर दिया है। 
पलवल में केएमपी एक्सप्रेस वे के रास्ते पैदल अपने गंतव्य राजस्थान जा रहे मजदूरों में एक महिला ने सडक़ पर तपती धूप में बच्ची को जन्म दे दिया। जन्म देने वाली महिला व उसके साथी मजदूर गांव रतीपुर के खेतों में तपती धूप में रह रहे थे। लेकिन तीन-चार दिन तक भी इन मजदूरों की किसी ने कोई सुध नहीं ली। किसी ने फोन के जरिए इसकी समाजसेवी संस्था रोटरी क्लब संस्कार पलवल को दी। 

महिला कमला ने बताया कि वे पिछले दस-बारह दिनों से पैदल चल रहे और अपने गंतव्य राजस्थान जा रहे थे। कमला ने बताया कि उनकी किसी ने कोई मदद नहीं और कई दिनों से उन्होंने खाना भी नहीं खाया। रोटरी क्लब संस्कार पलवल की चेयरपर्सन डॉ. अंजली जैन ने बताया कि जैसे ही उन्हें इन मजदूरों की सूचना मिली तो वे टीम के साथ मौके पर पहुंची। टीम की तरफ से नवजात बच्ची को कपड़े दिए गए और उनकी मां को जरुरी सामान दिया गया। बाकी मजदूरों को भी खाने-पीने का सामन दिया गया।