थोड़ा भीख मिल जाए इसलिए बीच सड़क पर बेटे को गोद में लेकर बैठ गई ये मजबूर महिला

कोरोना महामारी के दौर ने मेहमत मजदूरी कर परिवार पालने वाले लोगों को भीख मांगने पर मजबूर कर दिया है। हालात यह हैं कि घर संभालने वाली महिलाएं भी बच्चों की भूख की खातिर भीख मांगने पर विवश हैं। सोमवार को नैनीताल रोड पर एक महिला करीब डेढ़ साल के बेटे को गोद में सुलाए बीच सड़क पर भीख मांगती नजर आई। उसे ना सड़क पर चलते रहे वाहने के टक्कर मार देने का डर था और ना ही कोरोना का खौफ। बोली, किनारे बैठूंगी तो कोई नहीं देखगा, सड़क पर शायद किसी की नजर पड़े और मदद हो जाए। 
नशेड़ी पति को छोड़ने के बाद सिर्फ पिता की रिक्शा ही कमाई का जरिया था, लेकिन लॉकडाउन ने वह भी बंद करा दिया। कैंट क्षेत्र के नरियावल की रहने वाली महिला सोमावर दोपहर नैनीताल रोड पर सड़क पर बैठी भीख मांग रही थी। गोद में करीब डेढ़ साल का बेटा सो रहा था। वह सड़क पर चलती गाड़ियों के आगे हाथ फैलाकर मदद मांग रही थी। उसे सड़क से हटाने के लिए कई लोग कह रहे थे मगर मदद करने में दिलचस्पी दिखाने वाले कम ही थे। महिला ने बताया कि उसके चार बच्चे और पांच भाई बहन हैं। 
पिता रिक्शा चालक हैं, लेकिन लॉकडाउन में रिक्शा घर के बाहर धूल फांक रहा है। एक बार मजबूरी में रिक्शा लेकर निकले भी तो पुलिस वालों ने लाठी मारकर भगा दिया। पति नशा करने का आदी था इसलिए कुछ समय पहले उसे छोड़कर मायके लौट आई थी। अब बच्चों के पेट की खातिर भीख मांगती है। सोमवार को नरियावल से भीख मांगती हुई निकली थी। चलते-चलते कोहाड़ापीर पहुंच गई। हालात यह थी कि उसे जगह का नाम भी नहीं मालूम था। यहां थकी तो सड़क पर बैठकर बच्चे को सुलाया और लोगों के मदद मांगने लगी।