लॉकडाउन में इस आदमी की दाढ़ी देखकर इसके साथ जो हुआ वो आपको हैरान कर देगा

मध्य प्रदेश के बैतूल में 2 महीने पहले हुए एक वकील की पिटाई के मामले ने तूल पकड़ लिया है. वकील का आरोप है कि 23 मार्च को पुलिस ने उसकी जमकर पिटाई की थी जिसकी शिकायत उसने बार काउंसिल और सुप्रीम कोर्ट को भेज दी थी, लेकिन मामला तब तूल पकड़ा जब हाल में ही पीड़ित वकील दीपक बुंदेले का बयान लेने जांच अधिकारी उससे मिले, तो उन्होंने उस पर बयान बदलने का ना केवल दबाव डाला, बल्कि उसकी पिटाई के पीछे बेतुका तर्क देते हुए कहा कि उसकी दाढ़ी देखकर पुलिसवाले ने पिटाई कर दी थी.
घटना 23 मार्च की है. बैतूल के रहने वाले वकील दीपक बुंदेले का आरोप है कि 23 मार्च की रात वो अपना चेकअप कराने अस्पताल जा रहे थे. दीपक के मुताबिक, उन्हें डाइबिटीज है और असहज महसूस होने पर वो पैदल ही अस्पताल की ओर जाने लगे. तभी रास्ते में उन्हे पुलिस वालों ने रोका और समस्या बताने के बावजूद उनकी जमकर पिटाई की.
इसे आहत होकर वकील दीपक बुंदेले ने पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर सुप्रीम कोर्ट और बार काउंसिल तक में लिखित शिकायत भेजी थी. दीपक का आरोप है कि उसकी शिकायत के आधार पर करीब महीने भर बाद जब जांच अधिकारी बीएस पटेल उससे मिले, तो उन्होंने दीपक पर बयान बदलने और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया.
दीपक ने इस पूरे वाकये की ऑडियो रिकॉर्डिंग की थी. बातचीत के दौरान जांच अधिकारी एएसआई बीएस पटेल ने वकील दीपक को बताया कि पुलिस वालों ने उसकी दाढ़ी देखकर उसकी पिटाई कर दी थी. लिहाजा वो अपनी शिकायत वापस ले ले. दीपक का आरोप है कि जांच अधिकारी द्वारा काफी देर तक उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया, जिसकी शिकायत उसने ऑडियो के साथ पुलिस के आला अधिकारियों को की. जांच में ऑडियो सही पाया गया जिसके बाद एएसआई बीए पटेल को सस्पेंड कर दिया गया है.
मामले ने तूल पकड़ा तो खुद मध्य प्रदेश गृह विभाग को इसका स्पष्टीकरण देना पड़ा. गृह विभाग ने डीजीपी विवेक जौहरी की तरफ से ट्वीट करते हुए लिखा है कि बैतूल की घटना एक अपमानजनक घटना है. पूरे एमपी पुलिस बल पर इस तरह की एक घटना को चित्रित करना गलत है. इस घटना के सामने आने के बाद एक एएसआई को बुधवार को निलंबित कर दिया गया. डीआईजी घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं.