लॉकडाउन में महाराष्ट्र से पश्चिम बंगाल जा रही बस झारखंड में पलटी, तीन दर्जन घायल, अलर्ट मोड में

झारखंड में सोमवार (25 मई, 2020) को को एक भीषण सड़क हादसे में तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये. सभी को राजधानी रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) भेज दिया गया है. रिम्स में डॉक्टरों की टीम अलर्ट मोड में है. प्रवासी श्रमिकों से भरी यह बस (जीजे11टी-1817) महाराष्ट्र से पश्चिम बंगाल जा रही थी.
बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.अनिल कुमार राज
बताया जा रहा है कि रांची पार करके ओरमांझी-गोला पथ होते हुए धनबाद के रास्ते बर्दवान जा रही बस सिकिदिरी की केझिया घाटी पार करने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. श्रमिकों ने बताया कि घाटी पार करते ही बस का ब्रेक फेल हो गया और यह सड़क पर पलट गया. जिस जगह दुर्घटना हुई, वह इलाका रजरप्पा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है. बताया जा रहा है बस पर 77 लोग सवार थे. यहां तक कि बस की छतों पर भी श्रमिक बैठे थे. यही वजह है कि इतनी संख्या में लोग घायल हुए हैं. महाराष्ट्र में काम करने वाले ये लोग बर्दवान, मुर्शिदाबाद समेत कई जिलों के हैं.
घायलों में कई की हालत गंभीर बतायी जाती है. घटना की सूचना मिलते ही सिकिदिरी व रजरप्पा पुलिस घटनास्थल पहुंची. ग्रामीणों के सहयोग से घायलों को इलाज के लिए रिम्स भिजवाया. बताया जाता है 50 मजदूर तीन लाख रुपये में एक बस बुक करके मुंबई से कोलकाता जा रहे थे. रास्ते में कहीं पर प्रशासन ने बस को रोका और उस पर और 27 मजदूरों को छत पर बैठा दिया. इस तरह बस में कुल 77 मजदूर सवार थे. बस रांची होते हुए कोलकाता जा रही थी. जैसे ही बस केझिया घाटी पहुंची, चालक ने नियंत्रण खो दिया. बस अनियंत्रित होकर पलट गयी.
दुर्घटना में घायल हुए 38 मजदूरों को सिर, पैर व शरीर में चोटें आयी हैं. घायल मजदूरों ने बताया कि घाटी में कई तीखा मोड़ था. चालक यह भांप नहीं पाया, जिसकी वजह से दुर्घटना हुई. मजदूरों ने बताया कि ये लोग मुंबई में मजदूरी करते थे. लॉकडाउन में फंस गये थे और कमाई बंद हो जाने की वजह से अपने घर जा रहे थे. 
प्रति मजदूर छह-छह रुपये देकर बस बुक करके कोलकाता के लिए निकले थे. केझिया घाटी में जैसे ही बस पलटी, मजदूरों में अफरा-तफरी मच गयी. घायल मजदूर बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगे. इस बीच, कई मजदूर बस में फंस गये. चीत्कार से पूरी घाटी गूंजने लगी. पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से घायलों को निकालकर अस्पताल भिजवाया.
घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ विधायक ममता देवी, दुलमी बीडीओ विजयनाथ मिश्रा, सीओ किरण सोरेंगे सहित कई अधिकारी पहुंचे और घटना की जानकारी ली. विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को फोन पर घटना की सूचना दी और रिम्स में इनके बेहतर इलाज की व्यवस्था करने का आग्रह किया. मजदूरों को पानी का बोतल व बिस्किट दिया गया.