बीमार बेटे को चारपाई पर लिटाकर लुधियाना से पैदल कानपुर तक पैदल ही तय किया सफर

कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के बीच दिल को झकझोर देने वाली तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर से ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एक पिता अपने बेटे को चारपाई पर लिटाकर ले जाते हुए नजर आ रहा है।
बीमार बेटे को चारपाई पर लिटाकर, चारपाई को रस्सी से बांधकर और कांधों पर टांगकर एक परिवार लुधियाना से यहां तक पैदल चला आया। शुक्रवार शाम को कानपुर के रामादेवी हाईवे पर परिवार को इस तरह बच्चे को ले जाते हुए देखकर थाना प्रभारी रामकुमार गुप्ता ने उन्हें रोककर बातचीत की तो पिता रोने लगा। बोला लॉकडाउन ने हम से सब कुछ छीन लिया।
फिर वाहन की व्यवस्था कराकर उन्हें घर भेजा गया। मध्य प्रदेश के सिंगरौली गांव निवासी राजकुमार लुधियाना में मजदूरी करते थे और वहीं पर परिवार के साथ रहते थे। उनका 15 वर्षीय बेटा बृजेश बीमार था। गर्दन में चोट होने के कारण उसका पैदल चलना मुमकिन नहीं था।
लॉकडाउन के बाद परिवार ने लुधियाना से निकलने की ठान ली। बेटे को चारपाई में लिटाने के बाद उसमें रस्सी के सहारे एक बल्ली बांधी। परिवार के साथ गांव के लोगों के मिलाकर कुल 18 लोग थे जो बारी-बारी से उस चारपाई को कंधे पर उठाकर बीमार बेटे को अपने साथ पैदल लेकर घर जा रहे थे।
रास्ते में उन्होंने करीब 50 किमी. का सफर वाहन से तय किया। अधिकतर वाहन चालक बेटे को चारपाई पर लेटा देख उसे साथ ले जाने के लिए राजी नहीं होते थे। शुक्रवार दोपहर बाद उन्हें रामादेवी हाईवे पर रोककर थाना प्रभारी रामकुमार ने खान-पान कराया और उन्हें वाहन में बैठाकर घर पर भेजा।