प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला ने डायल एम्बुलेंस में दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म

मिली जानकारी के अनुसार 12 मई को ग्राम गदगांव पूंजीपथरा से शाम करीब सवा सात बजे पूंजीपथरा राइनो मेडिकल इमरजेंसी का इवेंट मिला। इवेंट मिलते ही राइनो स्टाफ मौके पर पहुंचे। यहां स्टाफ ने देखा कि कॉलर दिनेश यादव की पत्नी हेमलता यादव प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। ऐसे में राइनो स्टाफ ने महिला, उसके पति, गांव की मितानिन व गांव की एक और महिला को वाहन में बैठा कर घरघोड़ा लेकर जा रहे थे।
रास्ते में सीएचसी घरघोड़ा पहुंचने के पूर्व ग्राम नवापारा के पास महिला को दर्द ज्यादा होने लगा तब डायल 112 स्टाफ द्वारा सूझबूझ दिखाते हुए ग्राम नवापारा के पास वाहन को रोका गया। इसके बाद पास के घरों से प्रसव के लिए आवश्यक सामान की व्यवस्था करते हुए वाहन में बापर्दा मितानिन व अन्य महिला के सहयोग से प्रसूता का प्रसव कराया गया। इस दौरान महिला ने ईआरवी वाहन में ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद तुरंत डॉयल 112 स्टाफ नरेश कुमार रजक और चालक तुलेश्व राठिया द्वारा घरघोड़ा अस्पताल ले जाकर प्रसूता एवं शिशु को भर्ती कराया गया, जहां दोनों ही स्वस्थ हैं।

लोगों के लिए संजीवनी साबित हो रही डायल 112
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2018 से संचालित आपातकालीन सेवा डायल 112 की ईआरवी वाहन आम जनों के लिए विपरीत परिस्थितियों में काफी मददगार साबित हो रही है। इस सुविधा के जरिए आमजन एक कॉल में मेडिकल, पुलिस व फायर की सुविधा ले रहे हैं। लॉक डाउन के दौरान डायल 112 बेहद हितकारी साबित हुई है। जब पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध नहीं होने से कई मेडिकल इमरजेंसी तथा थाना/चौकी रिपोर्ट दर्ज कराने आने में कॉलर की मदद की गई है। लॉक डाउन में डायल 112 को मेडिकल इमरजेंसी के काफी कॉल आए हैं, जिसमें प्रेगनेंसी के केस सबसे ज्यादा हैं। ऐसे में डायल 112 लोगों के लिए संजीवनी साबित हो रही है।