लॉकडाउन में पुजारी की हत्या कर जंगल में दफना दिया लाश, उसके मोबाइल से सब पता चल गया

जबलपुर के खितौला पान उमरिया रोड पर सरदा के जंगल में बने चौपड़ा धाम के पुजारी की हत्या कर मंदिर से 500 मीटर दूर जंगल में शव दफना दिया गया था। 30 अप्रैल से बंद आ रहे मोबाइल के चलते सशंकित भाई बुधवार को मंदिर पहुंचा तो पुजारी भाई को गायब पाया। थाने में पहुंच कर उसने गुमशुदगी दर्ज कराई। गुरुवार को लाश मिलने की खबर लगते ही सिहोरा एसडीओपी भावना मरावी और खितौला थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। छड़ी और जूते के अनुमान से टीम आगे बढ़ी तो बरसाती नाले में मिट्टी उभरी हुई दिखी। उसे खुदवाया तो पुजारी की लाश मिली। 
मौके पर एफएसएल और फिंगर प्रिंट की टीम को बुलाकर शव को पीएम के लिए भिजवाया गया। पुलिस के मुताबिक खितौला-पान उमरिया रोड से करीब तीन किलोमीटर अंदर जंगलों के बीच चौपड़ा धाम मंदिर मे पुजारी भैया लाल यादव (85) करीब 20 वर्षों से रह रहे थे। मूलत: बहोरीबंद की सुंदरसी पट्टी के रहने वाले भैयालाल 27 अप्रैल को हर्राखेड़ा गांव गए थे। 30 अप्रैल से उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। गांव में रहने वाले भाई रामगोपाल यादव बुधवार केा चोपड़ा धाम पतता करने पहुंचे। पुजारी भाई को मंदिर में न पाकर आसपास पता किया और फिर थाने गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे थे।
गुमशुदगी दर्ज करने के बाद रात में ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के जंगलों में पुजारी की खोजबीन शुरू कर दी। सुबह मंदिर से कुछ दूरी पर महंत की लकड़ी की घुटनिया मिली। लगभग 500 मीटर दूर नाले में एक जगह मिट्टी से बदबू आने पर पुलिस को शक हुआ। एसडीएम और एसएफएल टीम की मौजूदगी में शव को मिट्टी की खुदाई कर निकलवाया गया। पुजारी की लाश डीकम्पोज हो चुकी थी। 
एफएसएल टीम ने पुजारी के कमरे और मंदिर के आसपास से आवश्यक नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए। फिलहाल पुलिस ने पंचनामा कार्यवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंदिर में गेहूं व चावल की पेटिया खाली मिली। आशंका व्यक्त की जा रही है कि चोरी या लूट की नीयत से पुजारी की हत्या की गई होगी। हत्या में कोई करीबी शामिल होगा। क्योंकि लाश दफनाने का काम कोई बाहरी नहीं करता। एसडीओपी भावना मरावी ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।