पत्नी ने ही मरवाया था मुकेश को, चीख सुनकर कहा अब मिली तसल्ली!

आजमगढ़ के सरायमीर थाना क्षेत्र के अषाढ़ा गांव निवासी मुकेश राम की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। इस हत्या में पांच लोग और शामिल थे। मंगलवार को सरायमीर थाने की पुलिस ने पत्नी समेत सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू, दो मोबाइल आदि बरामद कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।
एसपी त्रिवेणी सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में मुकेश की पत्नी कुसुम देवी, कुसुम का प्रेमी दीदारगंज के वारसेपुर गांव निवासी कलंदर, फूलपुर कोतवाली के ऊदपुर गांव निवासी कलंदर की बहन शकुंतला देवी, आटो चालक रविंद्र उर्फ छोटू, वीरेंद्र उर्फ करिया, धीरेंद्र और मिथिलेश का नाम शामिल है। कलंदर ने अपनी बहन के घर हत्या की साजिश रची थी। बदले में कलंदर ने इन लोगों को 25 हजार रुपये दिए थे। एसपी ने बताया की योजना के तहत सात मई की शाम को कुसुम ने पति मुकेश को सब्जी लाने के लिए बाजार भेजा। 
यहां अन्य लोग आटोरिक्शा लेकर खड़े थे। यह लोग मुकेश को एक जगह तेरही में भोजन खाने की बात बताकर उसे आटो में बैठाकर चल दिए। इस दौरान कुसुम का फोन चालू था। उसे पूरे घटना की जानकारी हो रही थी। रास्ते में छित्तेपुर बाजार में उन लोगों ने शराब पी। रात साढ़े आठ बजे के करीब आटो तेजपुर गांव में मगई नदी के किनारे खड़ा कर मुकेश को जबरन आटो से नीचे उतारकर वो पीटने लगे और उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस दौरान कुसुम मोबाइल पर पति की चीख सुनती रही। जब कलंदर ने बताया कि काम हो गया तो कुसुम ने कहा कि अब ठंडक मिली। 
योजना के तहत मुकेश की मौत के बाद कुसुम उसकी तलाश में जुटने का नाटक रचते हुए घर वालों से फोन कराने लगी, जबकि कलंदर मुकेश बनकर अभी आता हूं, कहकर लोगों को भ्रम में डालता रहा। थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। एसपी के मुताबिक इन लोगों की योजना थी कि मुकेश की हत्या में उन लोगों को फंसाया जाए जो इनके प्रेम संबंध के बीच कांटा बन रहे थे। एसपी ने बताया कि इस पूरे मामले में प्रभारी निरीक्षक सरायमीर अनिल सिंह और उनकी पूरी टीम काफी मेहनत की। इसका परिणाम रहा कि इस घटना का खुलासा हुआ, और हत्या में शामिल सभी आरोपी जेल चले गए। 
चार बच्चों की मां कुसुम का कलंदर से काफी दिनों प्रेम प्रपंच चल रहा था। दोनों एक दूसरे से छिप-छिप कर मिलने लगे। इसी बीच एक दिन बच्चों ने देख लिया और अपने पिता को सारी बात बता दी। इसके बाद मुकेश भी इन पर नजर रखने लगा और एक दिन दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद मुकेश अपनी पत्नी को डांट-फटकार लगाई। मुकेश की डांट कुसुम को इस कदर नागवार लगी कि उसने उसी वक्त मुकेश को रास्ते से हटाने की ठान ली। इसके लिए कुसुम ने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की पूरी कहानी तैयार की। कुसुम ने बताया कि सब्जी लेने के बहाने पहले उसने पति मुकेश को बाजार भेजा। रास्ते में प्रेमी कलंदर और उसके साथियों ने मुकेश को अपने आटो में अगवा कर लिया और उसे पहले शराब पिलाई फिर गला दबाकर चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी और शव को नदी किनारे फेंक दिया।
एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी कुसुम और प्रेमी कलंदर के पकड़े जाने के बाद गांव में पंचायत हुई थी। पंचायत में जिस-जिस ने भी गांव में प्रेमी को आने से मना किया था। उन लोगों को इस हत्या में फंसाने की साजिश की गयी थी। इतना ही नहीं पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्यारोपियों ने मुकेश की मोबाइल को लेकर कई दिनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में घूमते रहे। जांच के दौरान पुलिस को मुकेश की पत्नी पर शक हुआ। जिसके बाद डॉग स्क्वायड की मदद से पुलिस प्रेमी तक पहुंच गई। जिसके बाद घटना में शामिल प्रेमी, प्रेमी की बहन को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो पूरे घटना का अनावरण हो गया। अब सभी आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।