कंबल में लिपटी मिली दो लड़कियां, काला पड़ चुका था शरीर, नहीं मिला कोई ठोस सबूत

कंबल में लिपटे शव। काला पड़ चुका खून और मौके पर बाइक के पहियों के निशान। इन बातों से संभावना बढ़ रही है कि युवतियों की हत्या कई घंटे पहले हो चुकी थी और शवों को यहां लाकर डाला गया, लेकिन शनाख्त ना होने और कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। शामली में बुधवार रात कैराना क्षेत्र में जगनपुर के जंगल में खेत से दो युवतियों के शव मिले थे। 
गन्ने के जिस खेत में शव मिले, उसके पास ही सुबह से खेतों में काम कर रहे अमित, नरेंद्र और सोनू ने बताया कि बुधवार को वे सुबह करीब पांच बजे अपने खेतों पर आ गए थे और पूरे दिन खेत पर ही काम करते रहे। उन्होंने किसी को आते नहीं देखा। दोनों शव अंदर खेतों में थे। वहीं इस मामले में कोतवाली प्रभारी यशपाल धामा ने बताया कि शवों पर खून भी जमकर काला हो गया था। पास में कंबल भी था, उसमें शव लिपटे थे। संभावना है कि हत्या पहले हो चुकी और बाद में यहां पर शव लाकर डाले गए।

सिर में चोट लगने से हुई थी युवतियों की मौत
खेत में मिले युवतियों के शवों के पोस्टमार्टम में उनकी मौत की वजह सिर में गहरी चोट लगना आया है। एसपी ने बताया कि दोनों युवतियों के सिर में धारदार हथियार से गहरे प्रहार किए गए हैं। सिर में चोट से ही उनकी मृत्यु हुई है। उनके गले पर कोई निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में संभव है कि गले पर जो हल्के निशान लग रहे थे वे दुपट्टे आदि के हों। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि भी नहीं हुई है।
लॉकडाउन में पुलिस जगह जगह चेकिंग कर रही है। ऐसे में कहीं दूर से हत्या करके दोनों के शव लाकर फेंकना आसान नहीं लग रहा है। आशंका है कि हत्यारे आसपास के ही रहने वाले हैं और खेतों के रास्ते दोनों लड़कियों को लाया गया और हत्या कर ईंख के खेत में शव फेंक दिए और आसानी से निकल भी गए। पुलिस को लग रहा है कि घटना के तार कैराना कस्बे या आसपास के ही किसी गांव से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि चर्चाएं अन्य भी कई चल रही हैं, जिसमें ऑनर कीलिंग भी एक बिन्दु है।
बुधवार देर शाम जगनपुर के जंगल में श्याम लाल के ईख के खेत में दो युवतियों के शव मिले थे। दोनों के सिर पर धारदार हथियार से वार कर हत्या की गई थी। गले पर भी निशान थे। शव कंबल में बंधे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस पर रखवा दिया था। दो युवतियों की हत्या के मामले में पुलिस की चार टीम छानबीन में लगी हैं। ईख के खेतों के आसपास पुलिस ने घंटों तक छानबीन की। डॉग स्क्वॉड भी बुलाया, लेकिन पानी भरा होने की वजह से खेतों में नहीं घुस सका। केस में क्राइम ब्रांच के अलावा कैराना थाने की दो टीमें लगाई हैं। एक सर्विलांस एक्सपर्ट टीम को भी जुटाया गया है। 
चूंकि दोनों शवों की शनाख्त नहीं हुई है। पुलिस सुराग तलाश रही है, ताकि जांच की शुरुआत हो सके। बृहस्पतिवार सुबह ही पुलिस टीमें ईख के खेत पर पहुंच गई थी। करीब एक किमी क्षेत्र में पूरी तरह सघन तलाशी ली गई, लेकिन कोई खास सुराग नहीं मिला। खेत के आसपास बाइक के निशान जरूर थे। डाग स्क्वॉड एक्सपर्ट दीपक चौहान ने बताया कि डॉग मृतका या आरोपियों की किसी वस्तु, सूखी जमीन पर पदचिन्ह, कपड़ा आदि को सूंघ सकता है, लेकिन जहां पानी भरा हो अथवा समय एक दिन से अधिक हो गया हो, वहां पर डॉग कुछ खास नहीं कर पाता।