बेटी के एक पांव में नहीं है चप्पल, फिर भी तपती दुपहरी में मां की उंगली थामे चलती रही

लॉकडाउन में ना तो मजदूरों की घर वापसी थम रही है न उनसे जुड़ी दर्द और दुख की कहानियां। कोरोना के खौफ में भूख और बेबसी मजदूरों की जान पर भारी पड़ रही है। लाचार और बेबस श्रमिक घर जाने की जिद में नंगे पैर तीखी धूप में पैदल चले ही जा रहे हैं। ऐसी एक दर्दभरी कहानी गुजारत से सामने आई है, जहां एक मासम बच्ची अपनी मां की ऊंगली पकड़कर एक पैर में चप्पल पहन चली जा रही है।

मां की हाथ पकड़ चलती रही मासूम
दरअसल, यह तस्वीर अहमदाबाद शहर में शुक्रवार को देखने को मिली। जहां एक मजूदर मां चिल्लचिलाती धूप में अपनी बेटी को लेकर कालुपुर से आ रही थी। मासूम अपने एक पैर में ही चप्पल पहने थी। क्योंकि रास्ते में उसकी चप्पल टूट जो गई थी। लेकिन घर जाने की चाहत में उसने पैदल चलना नहीं रोका और तपती दुपहरी में चलती गई।