प्रवासी मजदूरों का गर्मी में बुरा हाल, कोई ट्रॉली के नीचे ले रहा आसरा, तो कोई झाड़ियों की छांव में बैठा

भिवानी रोड स्थित आश्रम में वीरवार को खासी संख्या में प्रवासी मजदूर पहुंचे मगर एंट्री नहीं मिलने के कारण खासी परेशानी झेलनी पड़ी। भरी गर्मी में मजदूर सड़क पर खड़े थे। मजदूर महिलाएं बच्चों के साथ ट्रैक्टर ट्रालियों और झाड़ियों के नीचे शरण ले रहे थे। बाद में इनका रजिस्ट्रेशन हुआ और इन्हें प्रवेश दिया गया। करीब 150 से अधिक मजदूर परेशान दिखे।
ऑनलाइन की सुविधा में उलझे इन प्रवासी मजदूरों व झाड़ियों में अपने बच्चों को धूप से बचा रही महिलाओं ने कहा कि वह एक महीने से अपने राज्य में जाने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरे हैं लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया है। उन्होंने कहा कि उनकी दुर्गति दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आज धूप ज्यादा है और बाहर कोई व्यवस्था नहीं। ऐसे में झाड़ियां और यहां खड़ी ट्रालियों के नीचे की छाया ही आसरा है। 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृत सेवा समिति के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय युवा पुरस्कार अवॉर्डी आशोक कुमार भारद्वाज ने मजदूरों को धूप से बचाने के लिए अंदर व्यवस्था करने की बात नायब तहसीलदार रामचंद्र से की तो उसके बाद नायब तहसीलदार ने उच्च अधिकारियों से बातचीत कर मजदूरों को अंदर प्रवेश दिया। वहीं आश्रम में नियुक्त नोडल अधिकारी एवं नायब तहसीलदार रामचंद्र ने बताया कि जिनका रजिस्ट्रेशन है और जिन को कॉल की गई है वे मजदूर ही आश्रम के अंदर प्रवेश कर रहे हैं। 
जिन लोगों को नहीं बुलाया गया, वह लोग बाहर हैं। रेलवे, बस की सुविधा देने के लिए पहले जिन लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है उन लोगों को सूचना दी जाती है तब वे यहां पहुंचते हैं, लेकिन कुछ लोग यहां पर बिना सूचना पहुंच जाते हैं तो उसके कारण यहां मजदूरों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है ।