लॉकडाउन में भी जिंदगी जारी, कोरोना के समय सादगी से हुई दो बहनों की शादी

शामली जनपद के गांव सिंभालका में दो बहनों की शादी सादगी के साथ हुई। लॉकडाउन के चलते दोनों बहनों की शादी में न बैंड बजा न घोड़ी पर दूल्हे सवार हुए। शादी में दूल्हे के साथ पांच बराती और दुल्हन पक्ष से परिवार के लोग ही शामिल हुए। शादी में सोशल डिस्टेंस, मुंह पर मास्क और हाथों में सैनिटाइजर लगाकर सात फेरे लिए। गांव सिंभालका निवासी संजय की दो बेटियों की शादी मंगलवार रात सादगी से संपन्न हुई। 

जिला बागपत के गांव कुरड़ी निवासी दो चचेरे भाई दूल्हे बनकर अलग- अलग कार से बरात लेकर पहुंचे। बरात में दूल्हा पक्ष से पांच बराती शामिल हुए, जबकि दुल्हन पक्ष से बाबा, माता- पिता और भाई समेत परिवार के लोग ही शामिल हुए। धार्मिक रीति रिवाजों के साथ दोनों जोड़े शादी के बंधन में बंध गए। शादी के दौरान दूल्हे और दुल्हन ने सोशल डिस्टेंस का पालन किया। मुंह पर मास्क लगाकर और हाथों में सैनिटाइजर लगाकर दूल्हा और दुल्हनों ने सात फेरे लिए। 

दुल्हनों के पिता संजय ने बताया कि लॉकडाउन होने से करीब एक माह पहले उन्होंने रिश्ता तय कर लिया था। दोनों परिवारों ने लॉकडाउन में ही सादगी के साथ शादी करने का निर्णय लिया था। उन्होंने बताया कि शादी में रिश्तेदार और आस पड़ोस के लोगों को नहीं बुलाया गया था। कोरोना से बचाव के लिए सरकार ने जो नियम बनाए हैं, उनका पालन करते हुए शादी की है।