करोना के बीच शॉपिंग करने बाहर न जाना पड़े, इसलिए तमिलनाडु के इस इंजीनियर ने बना डाला एक रोबोट

भारत में टैलेंटेड लोगों की कोई कमी नहीं हैं, बस सही वक़्त पर इनके हुनर की पहचान हो जाए, तो 'सोने पे सुहागा'  वाली कहावत सच हो सकती है. इन दिनों कोरोना के चलते देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान कुछ लोगों का टैलेंट खुलकर बाहर आ रहा है. देश के इन्हीं होनहार युवाओं में से एक तमिलनाडु के रहने वाले कार्तिक वेलायुथम भी हैं. कार्तिक जैसे लोगों को बस एक अदद मौके की तलाश रहती है. पेशे से इंजीनियर कार्तिक ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जो बाज़ार जाकर सामन ख़रीदकर ला सकता है.  
दरअसल, कार्तिक ने शराब की दुकानों व ग्रॉसरी स्टोर के बाहर लगने वाली लंबी कतारों से बचने और सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए इस रोबोट को तैयार किया है. कार्तिक नहीं चाहता कि वो घंटों लाइन में लगकर कोरोना से संक्रमित हो. इस रोबोट को बनाने में मात्र 3,000 रुपये का ख़र्चा आया है. कंप्यूटर इंजीनियर कार्तिक ने 4 पहिये वाले इस रोबोट को लकड़ी के बेस से तैयार किया है. जिसके ऊपर सामान रखने के लिए एक बॉक्स भी रखा गया है.  
AFP से बातचीत में 31 वर्षीय कार्तिक का कहना था कि 'भीड़भाड़ वाली जगह पर इस रोबोट को कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है इसके लिए मैंने ट्रायल के तौर पर एक वाइन शॉप के बाहर इसे चलाकर दिखाया ताकि सोशल डिस्टेंसिंग के महत्व को लेकर लोगों के बीच जागरूकता पैदा की जा सके. कार्तिक आगे कहते हैं 'मैंने सड़कों पर भी इस रोबोट का परीक्षण किया है. इस दौरान इसमें कोई समस्या नहीं आई. ये सड़कों पर भी आसानी से चल सकता है. अधिक स्पीड के बाद ये गिरे नहीं इसके लिए भी मैंने इसमें गियर मोटर का उपयोग किया है.