भीषण गर्मी में ऐसा लंबा सफर.. जिंदगी से हार गया मासूम

आग उगलते सूरज की तपिश और भूखे-प्यासे लंबा सफर अब प्रवासी मजदूरों की जिदंगी पर भारी पड़ने लगा है। एक प्रवासी मजदूर का दस दिन का बेटा मुुश्किल भरे इस सफर में जिंदगी की जंग हार गया। हालत खराब होने पर तहसीलदार ने नरियावल से उसे जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन डॉक्टर के कुछ कर पाने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। पहले ही मुसीबतों से बेहाल परिवार बच्चे की मौत से टूट गया।
रायबरेली के डलमऊ तहसील के रहने वाले सुरेश कुमार हिमाचल में मजदूरी करते थे। लॉकडाउन के बाद पूरा परिवार घर लौटने के लिए काफी समय तक मशक्कत करता रहा। किसी तरह सुरेश हिमाचल से हरियाणा पहुंचे। वहां से परिवार के साथ रोडवेज बस से सोमवार सुबह बरेली में नरियावल मंडी में उतरे। चूंकि यहां से रायबरेली के लिए सवारियां कम थीं, इसलिए उन्हें बस के इंतजार में रुकना पड़ा। इसी बीच सुरेश के 10 दिन के बच्चे की तबीयत खराब हो गई। 

तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने सरकारी गाड़ी से बच्चे को परिवार के साथ जिला अस्पताल भेजा लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम बच्चे की मौत ने पहले से मुसीबतजदा प्रवासी मजूदर और उसकी पत्नी को बेसुध कर दिया। सुरेश ने बच्चे का शव लेकर घर जाने की इच्छा जताई तो लेखपाल अजय गुप्ता उनकी मदद के लिए आगे आए। अजय ने अपनी कार से परिवार को रायबरेेली भिजवाया।