दो भाईयों ने कोरोना से आइसोलेशन के लिए खेत में ताना तंबू, दूर रखे पत्थर पर पत्तल में रोज आता है खाना

कोरोना वायरस (Corona Virus) को सोशल डिस्टेंसिंग से ही हराया जा सकता है। सरकार व प्रशासन भी बाहर से आने वाले लोगों को होम आइसोलेट करने में जुटी है। हालंाकि इसके बावजूद भी कुछ लोग लापरवाही से बाहर घूम रहे है, तो कुछ जागरुक लोग सोशल डिस्टेंसिंग की अनूठी मिसालें पेश कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सीकर जिले के कांवट इलाके के ग्राम पंचायत जुगलपुरा के गढ़ी खानपुर में देखने को मिल रहा है। 
जहां हॉट स्पॉट मुबंई से लौटे दो सगे भाइयों ने परिवार से दूर घर के बाहर खेत में तंबू लगाकर खुद को आइसोलेट कर रखा है। गढ़ी खानपुर के दोनो सगे भाई सीताराम व नंदलाल कुमावत मुबंई में कंस्ट्रक्शन का काम करते है। कोरोना महामारी के कारण काम बंद होने पर दोनो भाई गांव लौट आये। मुबंई से आने से बाद दोनो भाई घर पर भी नही गए और खेतों में खुद ही तंबू लगाकर सोशल डिस्टेंस की पालना कर रहे है। परिजन दूर से ही तंबू के बाहर रखे पत्थर पर दोनों भाइयों का पतल में खाना रख आते है। इसके बाद वे खाना उठाकर खाने के बाद पतल व दोने को खोदे गए गड्ढ़े में दबा देते है। तंबू के पास ही दोनों के लिए नहाने की भी अलग-अलग व्यवस्था की गई है।

समाज को दे रहे हैं अच्छा संदेश

सेक्टर में कार्य कर रहे बीएलओ मुकेश तंवर ने बताया कि परिवार से दूर रहकर दोनों भाई समाज को जागरूक करने का संदेश दे रहे है। अगर सभी लोग जागरूक हो जाए तो कोरोना के खिलाफ छिड़ी जंग को जीता जा सकता है। परिजनों से अलग रह रहे दोनो भाईयों की स्क्रीनिंग के लिए गए कांवट सीएचसी प्रभारी डॉ आरके शर्मा, जुगलपुरा सरपंच कैलाश मीणा व कांवट चौकी प्रभारी बलवीर सिंह ने भी इस पहल की सराहना की। गांव में भी दोनो भाईयों के इस कदम की प्रशंसा हो रही है। पुस्तक पढकऱ बीता रहे समय- इस भीषण गर्मी में परिजनों से अलग तंबू में रहे दोनो भाई पुस्तक पढकर, योगासन व प्राणायम कर समय व्यतीत कर रहे है। इसके अलावा शुद्ध व पौष्टिक आहार लेकर खानपान में भी सावधानी बरत रहे है।