मां की हथौड़े से हत्या करने वाला बेटा पकड़े जाने पर बोला "मुझे कोई पछतावा नहीं है"

नाना की संपति के लिए मां को मौत के घाट उतारने वाले कातिल बेटे को जरा भी पछतावा नहीं है। मां पर हमला करने के बाद आरोपित ने नाना के पुश्तैनी घर पर जाकर ही खून से सना हथोड़ा छिपाया था। जिस समय आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़ा तो उसने कहा कि मां की हत्या करने के बाद उसे कोई पछतावा नहीं है। पुलिस ने हथोड़ा बरामद कर आरोपित को कोर्ट में पेश किया और वहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सांपला की देव कालोनी में 65 वर्षीय रामप्यारी अपनी विवाहित बेटी सोनिया के साथ रहती थी। उसके दो बेटे टीकरी बॉर्डर और एक बेटा रामप्यारी के मायके गिझी गांव में रहता है। बुधवार रात किसी ने घर में घुसकर रामप्यारी पर हथोड़े से वार कर दिए थे। गंभीर रूप से घायल रामप्यारी की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने रामप्यारी के दूसरे नंबर के बेटे सोनू को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया था, जो अपनी मां से नाना की पुश्तैनी जमीन से हिस्सा मांग रहा था।

प्रॉपर्टी नहीं मिलने पर आरोपित ने घर में घुसकर हथोड़े से वार मां की हत्या कर दी थी। आरोपित से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गिझी गांव से खून से सना हथोड़ा बरामद कर लिया है। मां पर हमला करने के बाद आरोपित अपना नाना के पुश्तैनी मकान पर पहुंचा था, जो बंद रहता है। कुछ देर आरोपित वहां पर रूका और फिर वहां से अपने घर चला गया था। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपित ने स्वीकार किया कि उसे कोई पछतावा नहीं है। बच्चों के पालन-पोषण के लिए वह प्रॉपर्टी में हिस्सा मांग रहा था। लेकिन उसे हिस्सा नहीं दिया गया।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि हमले में घायल उसकी मां का अस्पताल में उपचार चल रहा था। आरोपित अस्पताल में भी पहुंचा था। हालांकि इसके पीछे उसकी क्या मंशा थी यह स्पष्ट नहीं हो सका। उसकी बहन सोनिया को पता था कि भाई ने ही मां पर हमला किया है, लेकिन दहशत के कारण वह कुछ नहीं बोल पा रही थी। पुलिस का कहना है कि समय रहते आरोपित हत्थे चढ़ गया, अन्यथा वह यहां से भागने की फिराक में था।